शासकीय जमीन बेचने वाली कोटवार ने सरपंच को किया दरकिनार, विरोधियों के इशारे पर की अवैध मुनादी, ग्रामीणों व सरपंच में आक्रोश
शासकीय जमीन बेचने वाली कोटवार ने सरपंच को किया दरकिनार, विरोधियों के इशारे पर की अवैध मुनादी, ग्रामीणों व सरपंच

जैजैपुर/सक्ती:
जनपद पंचायत जैजैपुर के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत कोटेतरा में नियमों को ताक पर रखकर काम करने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। ग्राम पंचायत की प्रशासनिक प्रमुख सरपंच को पूरी तरह से दरकिनार कर, ग्राम की कोटवार द्वारा गांव के कुछ विरोधी तत्वों के इशारे पर बिना सरपंच की अनुमति और जानकारी के पूरे गांव में मुनादी (ढिंढोरा) पिटवा दी गई। इस घटना के बाद से ग्राम पंचायत के जन प्रतिनिधियों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
अवैध जमीन बिक्री के विवादों में पहले से घिरा है कोटवार परिवार
मामला सिर्फ अवैध मुनादी तक ही सीमित नहीं है। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम के पूर्व कोटवार ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए शासन की बेशकीमती कोटवारी (सेवा) भूमि को मोटी रकम लेकर अवैध रूप से किसी अन्य व्यक्ति को बेच दिया है। शासकीय भूमि को खुर्द-बुर्द करने के बाद वर्तमान में उसकी पुत्री कोटेतरा में कोटवारी का कार्य संभाल रही है। नियमों के मुताबिक कोटवारी भूमि शासन की होती है जिसे बेचना पूरी तरह प्रतिबंधित है। इसके बावजूद नियमों की धज्जियां उड़ाई गईं।
सरपंच को बिना बताए मुनादी कराना पद का दुरुपयोग
नियमों के अनुसार ग्राम का कोटवार पंचायत और सरपंच के प्रति जवाबदेह होता है। लेकिन कोटेतरा में कोटवार द्वारा सरपंच को बिना सूचना दिए, विरोधियों के अनुचित दबाव में आकर मुनादी करना सीधे तौर पर अनुशासनहीनता और पद का दुरुपयोग है। सरपंच का कहना है कि यह कृत्य ग्राम पंचायत के प्रशासनिक ढांचे को चुनौती देने और गांव का माहौल खराब करने का प्रयास है। इस संबंध में पंचायत द्वारा कोटवार को नोटिस जारी करने की तैयारी की जा रही है।
कलेक्टर व एसडीएम जैजैपुर से बर्खास्तगी की मांग
इस पूरे मामले को लेकर सरपंच और कोटेतरा के ग्रामवासियों ने जिला कलेक्टर सक्ती एवं अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) जैजैपुर को लिखित शिकायत सौंपने का निर्णय लिया है। ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों ने मांग की है कि शासकीय संपत्ति बेचने और लगातार अनुशासनहीनता करने वाली उक्त कोटवार को तत्काल पद से बर्खास्त (पृथक) किया जाए और जमीन की अवैध रजिस्ट्री शून्य कर दोषियों पर एफआईआर (FIR) दर्ज की जाए।
वर्जन
“ग्राम पंचायत का प्रशासनिक प्रमुख सरपंच होता है। बिना मेरी जानकारी के विरोधियों के कहने पर कोटवार द्वारा मुनादी कराना घोर अनुशासनहीनता है। इस कोटवार परिवार ने पहले ही शासकीय सेवा भूमि को अवैध रूप से बेचा है और अब पंचायत व्यवस्था को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं। हम इसकी लिखित शिकायत कलेक्टर एसडीएम तहसीलदार से कर रहे हैं और सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।”
श्रीमती सुनीता रमेश साहू
सरपंच
ग्राम पंचायत कोटेतरा
