परियोजना निदेशक सक्ती कार्यालय में पदस्थ डाटा एण्ट्री ऑपरेटर बिजेंद्र गबेल को हटाने की हुई शिकायत
- सरपंच सचिवो से अवैध वसूली करने का आरोप
- बिना विज्ञापन की कलेक्टर दर में नौकरी लगा देने अधिकारियों पर लगा प्रश्नचिन्ह
- ग्राम पंचायत नवापारा में पंच रहते हुए कर रहे कलेक्टर दर में डाटा एंट्री ऑपरेटर के पद पर पदस्थ
सक्ती : नवीन जिला सक्ती में परियोजना निदेशक कार्यालय में डाटा एण्ट्री ऑपरेटर के पद पर कलेक्टर दर पर गलत तरीके से नियुक्त किये गये बिजेन्द्र गबेल निवासी नवापारा खुर्द जो कि ग्राम पंचायत में एक जनप्रति निधि के पद (पंच) पर है।उक्त भ्रष्ट डाटा एण्ट्री ऑपरेटर पूर्व में जिला पंचायत जांजगीर-चांपा में कलेक्टर दर पर पदस्थ था,जिसके द्वारा तत्कालिन जिला पंचायत सी.ई.ओ. टामन सिंह सोनवानी के साथ सांठ-गांठ कर लाखों रुपये की राशि का वारा-न्यारा किया गया था टामन सिंह सोनवानी के स्थानांतरण होने के पश्चात श्री तारन प्रकाश सिन्हा (आई.ए.एस.) द्वारा जांच में पाया गया कि उक्त ऑपरेटर के द्वारा भारी मात्रा में धांधली किया गया था यह संज्ञान लेते हुए उसे तत्काल पद से पृथक किया गया था। अभी वर्तमान में ऐसे भ्रष्ट कर्मचारी को पुनः कलेक्टर दर में डाटा एण्ट्री ऑपरेटर के पद पर गलत तरीके से बिना किसी विज्ञापन के नवीन जिला सक्ती में परियोजना निदेशक कार्यालय में गलत तरीके से नियुक्ति प्रदान किया गया है।
जो कि वर्तमान में ग्राम पंचायत नवापाराखुर्द में पंच के पद पर पदस्थ है जो नियम विरुद्ध है उनके द्वारा कहा जाता है कि मैं पंच पद से त्याग पत्र दे दिया हूं जबकि कार्यालय जनपद पंचायत सक्ती में अभी तक किसी भी प्रकार का पंच पद का त्याग पत्र ग्राम पंचायत सचिव द्वारा जमा नहीं किया गया है। ग्राम पंचायत नवापाराखुर्द में उक्त पंच पद खाली नहीं है। ग्राम पंचायत सचिव के साथ सांठ-गांठ किया हुआ है। केन्द्र सरकार की महत्त्वाकांक्षी योजना
प्रधानमंत्री आवास योजना में अपने पद का दुरुपयोग करते हुए हितग्राहियों को डरा धमका कर पैसा उगाही किया है।प्रधानमंत्री आवास योजना में अनुचित रूप से मृत हितग्राहियों (ग्राम पंचायतों से अपात्र किये गये हितग्राहियों का) जिले से स्वयं के द्वारा पंजीयन एवं जियो टैग कर के अपात्र हितग्राहियों के नाम से दूसरे व्यक्ति के खाते में प्रथम किश्त की राशि 40 हजार रुपये का ट्रांजेक्शन कराया गया है. इस कार्य के लिये बिजेन्द्र गबेल, डाटा एण्ट्री ऑपरेटर द्वारा पैसा लेने का आरोप लगाया गया है।
