विटामिन-बी12 की कमी हो सकती है आंखों में दर्द या धुंधलापन, कहीं आप भी तो नहीं कर रहे इग्नोर
नई दिल्ली : आज की तेज रफ्तार जिंदगी में आंखों पर पड़ने वाला तनाव तेजी से बढ़ रहा है। लंबे समय तक स्क्रीन पर काम करना, हेल्दी डायट की कमी और अनियमित दिनचर्या आंखों की प्रॉब्लम्स को जन्म देती है।
आंखों में जलन, थकावट और दर्द आम होते जा रहे हैं, लेकिन कई बार इसके पीछे कोई गहरी वजह छिपी होती है। क्या आप जानते हैं कि आंखों में दर्द या थकान केवल बाहरी कारणों से नहीं बल्कि कुछ जरूरी विटामिन की कमी से भी हो सकता है? जी हां ये सच है, विटामिन ए और विटामिन बी12 की कमी से आंखों में गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में-
- आंखों का बार-बार सूखना
- रोशनी में देखने में कठिनाई
- लालिमा और जलन
- धुंधली दृष्टि
- आंखों में दर्द या भारीपन
विटामिन बी12 की कमी और न्यूरोलॉजिकल असरविटामिन बी12 मुख्यतः नर्वस सिस्टम के सुचारु संचालन में मदद करता है। इसकी कमी से ऑप्टिक नर्व पर असर पड़ सकता है, जिससे आंखों में दर्द, झनझनाहट या दृष्टि कमजोर होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। विटामिन बी12 की गंभीर कमी को ऑप्टिक न्यूरोपैथी कहा जाता है, जिसमें देखने की क्षमता धीरे-धीरे घटती है।
- आंखों के पीछे दर्द या झनझनाहट
- धुंधलापन या कलर डिफरेंस समझने में परेशानी
- थकान और चक्कर
- आंखों में कंपकंपी जैसा एहसास
विटामिन ए के सोर्स
- गाजर
- शकरकंद
- पालक
- मेथी
- दूध
- दही
- घी
- अंडे की जर्दी
- मछली
- लिवर ऑयल
विटामिन बी12 के सोर्स
- डेयरी प्रॉडक्ट्स
- अंडे
- मछली
- चिकन
- फोर्टिफाइड सीरियल्स (शाकाहारियों के लिए)
आंखों का दर्द केवल थकान का संकेत नहीं, बल्कि यह शरीर में आवश्यक पोषक तत्वों की कमी का भी संकेत हो सकता है। विटामिन ए और बी12 की पूर्ति से न केवल आंखों की रोशनी बेहतर होती है, बल्कि वे हेल्थ और दर्द रहित भी रहती हैं। समय पर आहार में सुधार और जांच ही आंखों को लंबे समय तक सुरक्षित रखने का उपाय है।
