तेज रफ्तार हाइवा की ठोकर से युवक की मौत, मुआवजे की मांग को लेकर परिजनों ने किया चक्का जाम
- राखड़ परिवहन कर रहे हाइवा चालक ने लापरवाही पूर्वक वाहन चलाते मारा था ठोकर
- वाहन मालिक एवं प्रशासन द्वारा मुआवजा राशि देने के बाद चक्का जाम हुआ समाप्त
जैजैपुर : तेज रफ्तार की कहर से एक बार फिर जिला की सड़क खुन से लाल हुआ है। जहाँ हाइवा वाहन के चालक ने लापरवाही पूर्वक वाहन चलाते हुए सड़क पर चल रहे युवक को अपनी चपेट में ले लिया, ठोकर इतना वीभत्स था की घायल युवक की पैर के मांस के चिथड़े सड़क पर बिखर गए। हादसे के बाद घायल हुए युवक को तत्काल जैजैपुर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जैजैपुर लाया गया जहां प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल जांजगीर रेफर किया था। लेकिन रास्ते मे ही घायल युवक की मौत हो गई। दरअसल सड़क हादसे की यह खबर जैजैपुर थाना अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत बोड़सरा की है। जहां के रहने वाले धीरज खुटें पिता दयाराम खुटें उम्र 44 वर्ष कल उसके पड़ोस में शादी होने के चलते चुलमाटी कार्यक्रम में गया था। हाइवा वाहन क्रमांक CG, 13, AR, 7399 राखड़ लोड कर मालखरौदा की ओर से तेज रफ्तार में वाहन को चलाते हुए आ रहा था। तभी बोड़सरा के पास हाइवा ने सड़क पर खड़े युवक को अपनी चपेट में ले लिया हादसे में घायल हुए धीरज को जैजैपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से जिला अस्पताल रेफर किया गया था लेकिन युवक की मौत हो गई। जैसे ही गांव के लोगों को युवक की मौत की खबर मिली वैसे ही लोग आक्रोशित हो गए और शव को जिला अस्पताल से जैसे ही बोड़सरा लाने पर आक्रोशित लोगों ने शव को सड़क पर रखकर चक्का जाम कर दिया। लोगों का कहना था जब तक मृतक के परिजनों को वाहन मालिक के द्वारा मुआवजा राशि नही दिया जाता है। तब तक शव का अंतिम संस्कार नही करने की जिद पर अड़ गए। चक्का जाम होने की जानकारी होने पर जैजैपुर विधायक बालेश्वर साहू भी मौके पर पहुँचे और मृतक के परिजनों के साथ सड़क पर बैठ गए। विधायक का साफ तौर पर कहना था वाहन मालिक के द्वारा मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा राशि दे, इसके साथ ही राखड़ के अवैध रूप से परिवहन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की किया जाए। 5 घंटे की चक्का जाम के बाद प्रशासन द्वारा 25 हजार एवं वाहन मालिक द्वारा 1 लाख 50 हजार रुपये की सहायता राशि देने के बाद चक्का जाम समाप्त हुआ। जाम के दौरान जैजैपुर मालखरौदा मुख्य मार्ग जाम होने के चलते लोगों को परेशानियों का सामना पड़ा।
यमराज से कम नही है राखड़ लोड हाइवा
राज्य में सरकार बदलने के बाद लोगों को उम्मीद था कि अब राखड़ के अवैध परिवहन से निजात मिलेगी लेकिन लोगों की यह सोंच गलत साबित हुई। राखड़ का कारोबार पहले की तरह ही बदस्तूर जारी है। इसमें सबसे बड़ी समस्या लोगों के बीच राखड़ की परिवहन कर रहे हाइवा वाहन की रफ्तार होती है। जिसमे राखड़ लोड कर ओवरलोड हाइवा वाहन चालक हाइवा को इतने रफ्तार में चलाते है, मानों की उन्हें लोगों की जान की कोई परवाह ही नही होती है। रफ्तार इतना तेज होता है जो भी व्यक्ति या जानवर इनके सामने आए तो उसका अंत निश्चित है। क्योंकि सड़क पर हाइवा के रूप में मौत लेने वाले साक्षात यमराज घूम रहे है।
राखड़ माफियाओं के सामने लाचार है प्रशासनिक अमला
राखड़ कारोबारियों का हौसला कितना बुलंद है इसका अंदाजा जिले में जगह जगह हो रहे राखड़ डंप से लगा सकते है। जिसमे इन राखड़ के माफियाओं के द्वारा सड़क किनारे,तालाब,नदी,नालों तक मे अवैध रूप से राखड़ को पाट दे रहे है। तो वही दूसरी ओर प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारी हाथ मे हाथ धरे अपने कार्यालय में बैठे है। आज बोड़सरा में हुए चक्का जाम के समय भी जैजैपुर विधायक बालेश्वर साहू ने अधिकारियों को राखड़ के कारोबारियों पर कार्रवाई नही करने के लिए खरी खोटी सुनाएं, विधायक ने साफ तौर कहा अगर राखड़ के अवैध परिवहन पर प्रशासन सख्ती के साथ कार्रवाई नही करती है तो सड़क पर उतर कर आंदोलन किया जायेगा।
