वक्फ बिल पास होने पर क्या बदलेगा? 8 पॉइंट्स में समझें नए-पुराने बिल में अंतर

वक्फ बिल पास होने पर क्या बदलेगा? 8 पॉइंट्स में समझें नए-पुराने बिल में अंतर

क्फ बिल को लेकर बीते दिन से ही सियासी हलचल तेज होने लगी गै। कई मीडिया रिपोर्ट्स का दावा है कि वक्फ संशोधन अधिनियम आज संसद में पेश हो सकता है। केंद्र सरकार दोपहर 12 बजे लोकसभा में वक्फ बिल पेश करेगी।

हालांकि इसे लेकर मुस्लिम संगठनों और विपक्ष ने पहले ही विरोध दर्ज किया है। तो आइए जानते हैं इस बिल के पास होने से वक्फ बोर्ड में क्या-कुछ बदल सकता है?

1. बोर्ड परिषद की सदस्यता

पहले – वक्फ बोर्ड की परिषद में सिर्फ मुस्लिम सदस्य की शामिल हो सकते हैं।

अब – वक्फ बिल पास होने के बाद परिषद में 2 महिलाएं और 2 गैर-मुस्लिमों को शामिल करना अनिवार्य होगा।

2. संपत्ति पर दावा

पहले – वक्फ बोर्ड किसी भी संपत्ति पर दावा घोषित कर सकता है।

अब – वक्फ बोर्ड को किसी भी संपत्ति पर मालिकाना हर ठोकने से पहले सत्यापन करना अनिवार्य होगा कि वो संपत्ति वास्त में वक्फ बोर्ड की ही है।

3. सरकारी संपत्ति का दर्जा

पहले – वक्फ बोर्ड सरकारी संपत्ति पर भी दावा कर सकता है।

अब – सरकारी संपत्ति वक्फ से बाहर होगी और वक्फ बोर्ड को सरकारी संपत्ति पर मालिकाना हक नहीं मिलेगा।

4. अपील का अधिकार

पहले – वक्फ बोर्ड के खिलाफ सिर्फ वक्फ ट्रिब्यूनल का दरवाजा खटखटाया जा सकता है। वक्फ ट्रिब्यूनल का फैसला आखिरी होगा और इसे किसी अन्य न्यायालय में चुनौती नहीं दी जाएगी।

अब – वक्फ ट्रिब्यूनल के फैसले को 90 दिनों के भीतर हाई कोर्ट में चुनौती दी जा सकती है।

5. प्रबंधन और निगरानी

पहले – वक्फ बोर्ड के खिलाफ कई बार दुरुपयोग की शिकायतें सुनने को मिलती हैं। कई लोगों का दावा है कि वक्फ उनकी संपत्ति पर जबरन दावा ठोक देता है।

अब – वक्फ बोर्ड की सभी संपत्तियों का रजिस्ट्रेशन जिला मुख्यालय में होगा।

6. विशेष समुदायों के अलग प्रावधान

पहले – वक्फ बोर्ड में सभी के लिए समान कानून थे।

अब – बोहरा और आगाखानी मुसलमानों के लिए अलग से वक्फ बोर्ड बनाया जाएगा।

7. वक्फ बोर्ड के सदस्य

पहले – वक्फ बोर्ड पर कुछ विशेष मुस्लिम समुदायों का कब्जा था।

अब – वक्फ बोर्ड में शिया और सुन्नी समेत पिछड़े वर्ग के मुस्लिम समुदायों से भी सदस्य बनेंगे।

8. तीन सांसदों की एंट्री

पहले – सेंट्रल वक्फ काउंसिल में 3 सांसद (2 लोकसभा और 1 राज्यसभा) होंगे और तीनों सांसदों का मुस्लिम होना जरूरी है।

अब – केंद्र सरकार तीन सांसदों को सेंट्रल वक्फ काउंसिल में रखेगी और तीनों का मुस्लिम होना अनिवार्य नहीं है।


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