उपजेल में मारपीट का वीडियो वायरल, सहायक जेल अधीक्षक सतीश चंद्र भार्गव निलंबित

उपजेल में मारपीट का वीडियो वायरल, सहायक जेल अधीक्षक सतीश चंद्र भार्गव निलंबित

सक्ती : सक्ती उपजेल के बाहर एक युवक से मारपीट के मामले में जेल प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। मामला तब सुर्खियों में आया जब मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। घटना के तुरंत बाद जेल प्रशासन ने संज्ञान लेते हुए सहायक जेल अधीक्षक सतीश चंद्र भार्गव को निलंबित कर दिया। निलंबन आदेश जेल एवं सुधारक सेवाएं के महानिदेशक द्वारा जारी किया गया। आदेश में बताया गया है कि प्रथम दृष्टया सतीश चंद्र भार्गव के खिलाफ सिविल सेवा आचरण नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर यह कार्रवाई की गई है। सतीश चंद्र भार्गव को निलंबित करते हुए रायपुर स्थित जेल एवं सुधारक सेवाएं महानिदेशक कार्यालय में अटैच किया गया है।

घटना का विवरण
जानकारी के अनुसार, उपजेल के सामने जेलर और तीन आरक्षकों ने मिलकर एक युवक की मारपीट की। यह घटना उस समय हुई जब युवक नशे की हालत में जेल परिसर में पहुंचा और अपने साथी कैदी से मिलने की जिद करने लगा। कई बार समझाने के बावजूद युवक ने जेलर की बात नहीं मानी। जेलर के अनुसार, युवक ने उस पर भी हमला करने की कोशिश की, जिसके बाद जेल प्रबंधन ने कार्रवाई की। इस मारपीट का वीडियो किसी ने रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर डाल दिया, जिससे घटना तेजी से वायरल हो गई और जनसाधारण में रोष फैल गया। वीडियो में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि युवक के साथ जेलर और आरक्षक मारपीट कर रहे हैं।
 
जेल प्रशासन की प्रतिक्रिया
जेल प्रशासन ने मामले पर तत्काल संज्ञान लिया और जांच के आदेश दिए। सहायक जेल अधीक्षक सतीश चंद्र भार्गव को निलंबित कर दिया गया। प्रशासन का कहना है कि जांच के दौरान यदि नियमों और कानूनों का उल्लंघन पाया जाता है, तो आगे कठोर कार्रवाई की जाएगी।
सामाजिक और कानूनी पहलू
यह घटना जेल में सुरक्षा और कैदी प्रबंधन की प्रक्रिया पर सवाल खड़ा करती है। विशेषज्ञों का कहना है कि जेल में कैदियों के साथ शारीरिक दंड या अनुचित व्यवहार कानून और मानवाधिकारों के अंतर्गत गलत है। पुलिस और जेल प्रशासन को सुनिश्चित करना चाहिए कि कैदी सुरक्षित वातावरण में रह सकें और किसी भी प्रकार का हिंसक व्यवहार रोकने के लिए पर्याप्त निगरानी हो।

जेलर का बयान
जेलर ने कहा कि युवक आदतन अपराधी था और नशे की हालत में जेल परिसर में आया। उसने अपने साथी कैदी से मिलने की जिद की और कई बार समझाने के बावजूद बात नहीं मानी। जेलर का कहना है कि युवक ने उन पर हमला करने की कोशिश भी की, जिसके कारण मारपीट की गई।

आगे की कार्रवाई
साथ ही, जेल प्रशासन ने कहा कि वायरल वीडियो की जांच की जा रही है और इस मामले में शामिल अन्य कर्मचारियों की भूमिका का भी विश्लेषण किया जा रहा है। यदि किसी अन्य कर्मचारी के खिलाफ भी नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो उनके खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने जनता से अपील की है कि सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली ऐसी घटनाओं में शांति बनाए रखें और अफवाहों पर ध्यान न दें। वहीं, अधिकारियों का कहना है कि नियमों का पालन और अनुशासन बनाए रखना सभी कर्मचारियों के लिए अनिवार्य है।


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