WordPress database error: [Out of range value for column 'id' at row 1]
INSERT INTO `GUVAl_visitors_stat` (`time`, `ip`) VALUES ('1776601580', '216.73.217.42')

डांट से बचने नाबालिग छात्र ने गढ़ी अपहरण की कहानी - Somanshu News

डांट से बचने नाबालिग छात्र ने गढ़ी अपहरण की कहानी

डांट से बचने नाबालिग छात्र ने गढ़ी अपहरण की कहानी

सरगुजा :  जिले के सीतापुर से एक सप्ताह पहले ट्यूशन जाने के लिए बाइक लेकर निकला 15 वर्षीय छात्र लापता हो गया था। चार घंटे बाद उसने परिजनों को कॉल कर खुद को जशपुर जिले के फरसाबहार क्षेत्र में बताया और दावा किया कि पिकअप में सवार छह लोगों ने बाइक सहित उसका अपहरण कर लिया है। हालांकि, सीतापुर पुलिस की जांच में यह पूरा मामला फर्जी निकला। छात्र ने परिजनों की डांट से बचने के लिए अपहरण और लूट की झूठी कहानी रची थी। जानकारी के अनुसार, 6 अक्टूबर को सीतापुर के वार्ड क्रमांक 2 का निवासी 15 वर्षीय छात्र बाइक से ट्यूशन जाने के नाम पर सुबह 7 बजे घर से निकला। लेकिन चार घंटे तक घर नहीं लौटा। 11 बजे छात्र ने एक ट्रैक्टर ड्राइवर के मोबाइल से परिजनों को कॉल कर बताया कि वह जशपुर जिले के फरसाबहार थाना क्षेत्र अंतर्गत चिखलीपानी के जंगल में है। परिजनों ने तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी।

सीतापुर पुलिस ने परिजनों के साथ चिखलीपानी के जंगल में छात्र को ढूंढ निकाला। छात्र ने बताया कि छह युवकों ने रास्ते में उसे रोका और जबरदस्ती बाइक समेत एक पिकअप वाहन में डालकर अपने साथ ले गए। पुलिस ने इस आधार पर धारा 137(2), 310(2) BNS के तहत अपराध दर्ज किया। एसपी राजेश अग्रवाल ने मामले की जांच के लिए तीन पुलिस टीमें बनाई। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आसपास के CCTV फुटेज खंगाले। जिस पिकअप को उसने अपहरण में इस्तेमाल होना बताया था, उस गाड़ी की डिटेल निकालने पर पता चला कि वह पुणे की है और उसका चालक अंबिकापुर-सीतापुर होते हुए ओडिशा जा रहा था। पिकअप के ड्रायवर का मोबाइल लोकेशन लेने उसका रास्ते में कहीं रुकने की जानकारी नहीं मिली।

पुलिस ने छात्र और परिजनों को थाने बुलाकर फिर से पूछताछ की, तो छात्र ने बताया कि उसने डांट के डर से फर्जी अपहरण की कहानी गढ़ी थी। उसे किसी अज्ञात व्यक्ति ने कॉल कर इनामी लॉटरी में 64 लाख रुपए जीतने का झांसा दिया था। चार दिन पहले भी उस व्यक्ति ने उसे धर्मजयगढ़ बुलाया था। 6 अक्टूबर को वह ट्यूशन जाने के नाम पर धर्मजयगढ़ चला गया। वहां पहुंचने पर जब उसने उस व्यक्ति को कॉल किया तो उसका मोबाइल बंद मिला। समय अधिक हो जाने और घरवालों की डांट से बचने के लिए उसने अपनी

बाइक और स्कूल बैग को पत्थलगांव के लुडेंग मार्ग स्थित एक किराना दुकान के पास छोड़ दिया और लिफ्ट लेकर चिखलीपानी के जंगल पहुंच गया। वहां से गुजर रहे एक ट्रैक्टर ड्राइवर से मोबाइल मांगकर उसने परिजनों को फोन किया। सीतापुर थाना प्रभारी सीआर चंद्रा ने बताया कि पुलिस टीम ने नाबालिग के निशानदेही पर स्कूल बैग और बाइक को बरामद कर लिया है। नाबालिग होने के कारण छात्र के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई नहीं की गई है। छात्र की ओर से किया गया अपहरण और लूट का दावा जांच में फर्जी पाया गया है।


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *