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सगी भांजी से शादी...इज्जत को किया तार-तार...भाई को बनाया सुपरस्टार, विवादों से भरी है इस डायरेक्टर की कहानी - Somanshu News

सगी भांजी से शादी…इज्जत को किया तार-तार…भाई को बनाया सुपरस्टार, विवादों से भरी है इस डायरेक्टर की कहानी

सगी भांजी से शादी…इज्जत को किया तार-तार…भाई को बनाया सुपरस्टार, विवादों से भरी है इस डायरेक्टर की कहानी

 नई दिल्ली :  रिश्तों की कितनी नाजुक होती है…ये हम सब बखूबी जानते हैं। हिंदी सिनेमा में रिश्तों की डोर की अग्निपरीक्षा भी हमने कई बाते होते हुए देखी है। लेकिन आज हम आपको एक ऐसे स्टार की कहानी बताएंगे, जिसने ना समाज के बारे में सोचा और ना किसी चीज की परवाह की। उस एक्टर-डायरेक्टर की निजी जिंदगी खूब चर्चा में रही। यहां तक उस शख्स ने अपने रिश्तों का मजाक भी बनवाया। आज हम आपको इसी शख्स की कहानी बताने जा रहे हैं…

देव आनंद के छोटे भाई थे विजय आनंदआज जिस एक्टर-डायरेक्टर की हम बात कर रहे हैं, इनका रिश्ता देव आनंद (Dev Anand) और चेतन आनंद के साथ था। दरअसल देव आनंद के छोटे भाई विजय आनंद (Vijay Anand) एक एक्टर और डायरेक्टर थे लेकिन निजी जिंदगी हमेशा विवादों से घिरी रही। उनकी निजी जिंदगी के बारे में आपको आगे बताएंगे। पहले आपको विजय आनंद के बारे में बताते हैं। विजय आनंद का जन्म 22 जनवरी 1934 को पंजाब के गुरदासपुर मे हुआ था।

मां का बचपन देहांत हो गया था और विजय आनंद के पिता एक बड़े वकील हुआ करते थे। इसके बाद बड़े भाई और भाभी ने विजय की देख-रेख की। विजय इधर बड़े हो रहे थे तो उधर चेतन आनंद और देन आनंद तबतक फिल्मों का बड़ा नाम बन चुके थे। यही देखते हुए विजय ने भी फिल्मी दुनिया में कदम रखने की ठानी।

भाई देव आनंद को बनाया विजय ने सुपरस्टारजब विजय कॉलेज में थे तभी उन्होंने अपनी भाभी के साथ मिलकर एक स्क्रिप्ट लिख ली थी जिस पर फिल्म बनी टैक्सी ड्राइवर। इस फिल्म को डायरेक्ट चेतन आनंद ने किया और फिल्म के प्रोड्यूसर थे देव आनंद। ये फिल्म चली भी और इसके बाद विजय आनंद के लिए बॉलीवुड के रास्ते खुल गए। इसके बाद उन्होंने कई फिल्मों पर काम किया, जिसमें ‘काला बाजार’ और ‘तेरे घर के सामने’ जैसी फिल्में शामिल हैं। इन फिल्मों ने विजय को पहचान भी दिलाई।

लेकिन असली जादू चला फिल्म गाइड से। इस फिल्म ने तो मानो तहलका मचा दिया। विजय के करियर के लिए ये फिल्म मील का पत्थर साबित हुई। फिल्म ने कई इंटरनेशनल और नेशनल अवॉर्ड्स अपने नाम किए। इसके बाद उन्होंने कोरा कागज, ज्वेल थीफ, तीसरी मंजिल, काला बाजार, राम बलराम डबल क्रॉस और ‘नौ दो ग्यारह’ समेत कई फिल्मों में काम किया। भाई देव आनंद के करियर में विजय का बहुत बड़ा हाथ रहा। अगर ये कहा जाए कि देव आनंद को सुपरस्टार विजय ने बनाया, तो यह कहना गलत नहीं होगा।

एक्टिंग में भी आजमाया हाथहकीकत, कोरा कागज, मैं तुलसी तेरे आंगन इन फिल्मों में विजय ने काम किया और इन फिल्मों के दम पर विजय खूब चर्चा में रहे। विजय एक्टिंग करना नहीं चाहते थे लेकिन इन फिल्मों में वो बतौर अभिनेता भी नजर आए। 90 के दशक में दूरदर्शन पर उन्होंने एक सीरियल में भी काम किया और इस शो का नाम था तहकीकात। इस शो में वह डिटेक्टिव सैम की किरदार में नजर आए।

सगी भांजी से शादी कर सबको चौंकायाविजय आनंद की जिंदगी में एक वक्त आया जब वो डिप्रैशन का शिकार भी हुए। दरअसल जब उनकी फिल्में फ्लॉप हो रही थीं तब वो रजनीश ओशो के आश्रम चले गए। यहां रहकर उन्होंने मन को शांति देनी चाही। वहीं शादी की बात करें तो उन्होंने लवलीन थडानी से पहली शादी की थी। फिल्म ‘जान हाजिर है’ में काम करने के दौरान दोनों में नजदीकियां बढ़ीं और प्यार हो गया, फिर उन्होंने शादी कर ली। लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा उनकी एक और शादी की रही, जब उन्होंने अपनी ही भांजी सुषमा कोहली से शादी कर ली थी।

साल 1978 में हिंदू रीति-रिवाजों के साथ उन्होंने अपनी भांजी सुषमा कोहली को अपना हमसफर बना लिया और शादी कर सबको चौंका दिया। समाज के नियम और कायदे-कानून को ताक पर रखकर उन्होंने ये शादी की। इस शादी के बाद आनंद परिवार में खूब बवाल मचा और उन्होंने कहा कि, ये क्या कर लिया!!

हालांकि इस बात से विजय को ज्यादा फर्क नहीं पड़ा। साल 2018 में एक इंटरव्यू में सुषमा कोहली ने खुद इस बारे में बात की और कहा कि, ”रोमांटिक फिल्म बनाने वाले विजय आनंद असल जिंदगी में बेहद शर्मीले थे। वो कभी भी गुस्सा नहीं करते थे। साल 1978 में राम-बलराम की शूटिंग के दौरान उन्होंने शादी की थी और मैं उन्हें खूब चिढ़ाया करती थी।”

विजय आनंद का जीवन बोल्ड और बेबाक रहा। वो जो मन में आए करते थे। आनंद ब्रदर्स के साथ उनकी ट्यूनिंग बेहद खास थी। अच्छी फिल्में बनाईं…अच्छा काम किया, विवादों का भी शिकार रहे। साल 2004 में दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया।


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