9 साल से विवादित एडीबी जैजैपुर से मिशन चौक तक सड़क को नव पदस्थ तहसीलदार एन के सिन्हा जैजैपुर द्वारा किया गया निराकरण
- सड़क निर्माण कार्य प्रगति हुई तेज
- शिलान्यास के 9 साल बाद भी पूरा नहीं हो सका था 85 करोड़ की सड़क निर्माण, लोगों में थी भारी आक्रोश
सिन्हा तहसीलदार की कार्य शैली की हो रही भूरी भूरी प्रशंसा - आम नागरिक की राह हुई आसान तुषार बेलादुला में था सड़क विवादित
जैजैपुर : जैजैपुर कचंदा चौक से मिशन चौक मालखरौदा एवं छोटे सीपत से गोबराभांठा तक जाने वाली सड़क शिलान्यास के करीब 9 वर्ष बीत जाने के बाद भी जर्जर था । सड़क का शिलान्यास तो काफी तामझाम के साथ किया गया था लेकिन उसके बाद इस पर शासन प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया। नतीजा 9 साल होने को आए, लेकिन सड़क का लाभ क्षेत्र के लोगों को नहीं मिल पाया था अभी भी लोग जर्जर सड़क से आवागमन करने को विवश हो रहे थे। चुनाव की डुगडुगी बजते ही यह सड़क एक प्रमुख चुनावी मुद्दा बना था।और जनप्रतिनिधियों को विधानसभा चुनाव में तथाकथित नेताओ को हार का सामना करना भी पड़ा था लोगों में आक्रोश था । स्थानीय लोग कहते हैं कि बस जनता का मुंह बंद करने के लिए शिलान्यास का दिखावा किया गया था और जहाँ जहाँ ज्यादा खुलकर विरोध हुआ वहां वहां की सड़क को बना दिया गया था लेकिन जहां जहां विवादित सड़क था उसे ठेकेदार ने बीच बीच मे छोड़ दिया था अगर सड़क निर्माण की सच में नीयत होती तो अब तक सड़क बन चुकी रहती लेकिन हालत यह था कि संवेदक ने सड़क पर कंक्रीट बिछाया भी नही है और बड़े बड़े जानलेवा गड्ढा बनकर कुआ जैसे आकार ले चुका था जिससे आवागमन और मुश्किल हो गया था । आए दिन राहगीर चोटिल हो रहे थे । जानकारी के अनुसार एडीबी योजना से निर्माण होने वाली यह सड़क स्थानीय स्तर पर काफी महत्वपूर्ण था । यह सड़क जैजैपुर से गोबराभांठा को जोड़ती है। उक्त सड़क पर साधारण बारिश में भी जलजमाव की स्थिति बन जाती थी। उक्त योजना से स्वीकृत सड़क निर्माण के लिए कार्य एजेंसी रायगढ़ के एक ठेकेदार को बनाया है उक्त सड़क का शिलान्यास क्षेत्रीय बसपा विधायक ने लगभग 9 वर्ष पूर्व को किया था शिलान्यास के बाद सड़क निर्माण शुरू तो हुआ था लेकिन सड़क पर विवादित होने के कारण पूरा नही हो सका था।
100 करोड़ से अधिक की थी योजना :
निर्माण होने वाली सड़क की लंबाई 32 किलोमीटर है। जिसका प्राक्कलन राशि 100 करोड़ रुपये से अधिक है। विडंबना है कि विधायक के हाथों शिलान्यास के करीब 9 साल बाद भी सड़क निर्माण पूरा नहीं हो सका। लोगों में स्थानीय जनप्रतिनिधि के प्रति आक्रोश था । और खमियाजा विधानसभा चुनाव में हार की भी सामना करना पड़ा यह हम नही बल्कि क्षेत्र की लोगों का कहना है और वर्तमान में बालेश्वर साहू पर भरोसा जताया जैजैपुर विधायक बनाया और विधायक बालेश्वर साहू ने नव पदस्थ तहसीलदार से लगातार संपर्क कर सड़क निर्माण की विवादित को समाधान करने का लगातार प्रयास किया जा रहा था और नव पदस्थ तहसीलदार एन के सिन्हा जैजैपुर में ज्वाइन करते ही संज्ञान में लिया था और तुरन्त थाना प्रभारी जितेंद्र कोसले के साथ मौके पर जाकर विवादित सड़क की समस्या का समाधान तत्काल किया और 9 साल से विवादित एडीबी सड़क को ठेकेदार द्वारा बनाना शुरू कर दिया और वर्तमान कि स्थानीय लोग वर्षों से उम्मीद जगी की अब जल्द ही सड़क बनकर तैयार हो जाएगी और लोगों को आवागमन की सुविधा प्राप्त होगी।।
