गायक नितिन दुबे का शो कैंसिल, बोले-केवल छत्तीसगढ़ी कलाकारों के साथ ही ऐसा क्यों ?

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में 40वां चक्रधर समारोह आयोजित किया जा रहा है। 10 दिनी इस आयोजन में 1 सितंबर को छत्तीसगढ़ी गायक नितिन दुबे का कार्यक्रम था, लेकिन अंतिम समय में उनका शो कैंसिल कर दिया गया। इसके बाद नितिन दुबे ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर अपनी नाराजगी जाहिर की।
दुबे ने बताया कि कुछ दिन पहले उन्हें मेल मिला। जिसमें कहा गया कि जिला प्रशासन के पास बजट की समस्या है। इसके चलते 50% पेमेंट का ऑफर दिया गया। नितिन दुबे ने सवाल उठाया कि बॉलीवुड या बाहर से आने वाले कलाकारों के मेहनताने में कटौती क्यों नहीं की जाती ? केवल छत्तीसगढ़ी कलाकारों के साथ ही ऐसा क्यों?
रायगढ़ का नाम देश-विदेश तक पहुंचा
छत्तीसगढ़ के जाने-माने गायक नितिन दुबे ने कहा कि उनके गीत सिर्फ राज्य में ही नहीं, बल्कि देश और विदेशों तक सुने जाते हैं। उन्होंने बताया, “जब मैं ‘रायगढ़ वाला राजा’ गाता हूं तो न केवल रायगढ़ बल्कि पूरे प्रदेश का नाम रोशन होता है।”

मेहनताना काटे जाने पर सवाल
दुबे ने यह भी सवाल उठाया कि अगर उनके जैसे स्थापित कलाकार के साथ मेहनताना काटने जैसी स्थिति हो सकती है, तो नए कलाकारों को मंच देने के नाम पर शायद मेहनताना ही न दिया जाता हो। उन्होंने कहा कि प्रदेश में यह प्रवृत्ति तेजी से बढ़ रही है, जो स्थानीय कलाकारों के लिए चिंता का विषय है।
अवसरों से जूझते छत्तीसगढ़ी कलाकार
नितिन दुबे का कहना है कि जहां इंटरनेशनल और बड़े कलाकारों के पास मंच की कोई कमी नहीं होती, वहीं छत्तीसगढ़ी कलाकारों के सामने अवसर सीमित हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा, “चक्रधर समारोह का पंडाल सबसे ज्यादा तब भरता है जब वहां छत्तीसगढ़ी कार्यक्रम होता है।”
उम्मीद कायम
अपने शो के रद्द होने पर निराशा जाहिर करते हुए दुबे ने कहा कि यह अफसोसजनक है, लेकिन रायगढ़ की मिट्टी के प्रति उनकी निष्ठा हमेशा बनी रहेगी। उन्होंने आशा जताई कि आने वाले समय में छत्तीसगढ़ी कलाकारों के लिए भी पर्याप्त बजट और अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।
आयोजन समिति का पक्ष
पूरे मामले में आयोजन समिति ने दावा किया कि चक्रधर समारोह में स्थानीय कलाकारों को भरपूर अवसर दिए जा रहे हैं। समिति के अनुसार, कार्यक्रम में शामिल 75 कलाकारों में से 41 छत्तीसगढ़ से हैं। इनमें रायगढ़ के 11 कलाकार भी शामिल हैं। इसके अलावा रायपुर, बिलासपुर, भिलाई, सारंगढ़, बिलाईगढ़ और अबूझमाड़ के कलाकार भी मंच साझा कर रहे हैं।