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शाही ईदगाह विवाद: HC के फैसले पर SC की सहमति, एकसाथ होगी केसों की सुनवाई? - Somanshu News

शाही ईदगाह विवाद: HC के फैसले पर SC की सहमति, एकसाथ होगी केसों की सुनवाई?

शाही ईदगाह विवाद: HC के फैसले पर SC की सहमति, एकसाथ होगी केसों की सुनवाई?

देश भर में मंदिर-मस्जिद विवाद के कई मामले हैं, जो अभी कोर्ट में पेंडिंग हैं. जिनकी अलग-अलग सुनवाई होती है. इनमें सबसे ज्यादा चर्चित कृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह विवाद है. जिसको लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दोनों केसों की एक साथ सुनवाई करने की बात कही थी. इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने भी सुनवाई के दौरान अनुकूल रुख अपनाया है.

सीजेआई संजीव खन्ना और जस्टिस पीवी संजय कुमार की बेंच ने कहा कि मामले से संबंधित सभी मुकदमों/आवेदनों की एक साथ सुनवाई से फायदा मिलेगा. इसके साथ ही सुनवाई करने वाले हिंदू और मुस्लिम दोनों पक्षों को फायदा होगा. समय के साथ ही कई अन्य कार्यवाहियों से बचा जा सकेगा.

एससी के इस फैसले पर वकील की तरफ से आपत्ति जताई गई थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया. इसके साथ ही कोर्ट ने कहा कि अगर आपको दिक्कत है तो हम आपको इसे बाद में उठाने की अनुमति देते हैं. सीजेआई ने कहा कि इससे जटिलता से बचा जा सकेगा.

1 अप्रैल को होगी सुनवाई

सीजेआई ने कहा कि आदेश में दर्ज किया यदि इसे एकीकृत किया जाता है, तो इससे क्या फर्क पड़ता है? वैसे भी, इसके बारे में सोचें, हम इसे स्थगित कर रहे हैं, लेकिन मुझे लगता है कि एकीकरण से कोई फर्क नहीं पड़ता, 1 अप्रैल 2025 को फिर से सूचीबद्ध करें.

इन मामलों पर एक साथ हो सकती है सुनवाई

मथुरा स्थित श्रीकृष्ण जन्मभूमि मामले में सुप्रीम कोर्ट अप्रैल के पहले सप्ताह में सुनवाई करेगा. शाही ईदगाह कमेटी की तरफ से इस मामले में तीन याचिकाएं दी गई हैं. कोर्ट इन्ही याचिकाओं पर सुनवाई करेगा. मुस्लिम पक्ष की तरफ से दाखिल इन याचिकाओं में इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी गई है, जिसमें हिंदू पक्ष की ओर से दायर मुकदमे को सुनवाई लायक माना गया था.

मुस्लिम पक्ष की दूसरी याचिका में उस फैसले को भी सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है. जिसमें मथुरा की निचली अदालत में चल रहे सभी मुकदमों को हाई कोर्ट द्वारा अपने पास सुनवाई के लिए ट्रांसफर करने का फैसला शामिल है.

सुप्रीम कोर्ट में हाईकोर्ट के उस फैसले को भी चुनौती दी गई है, जिसके तहत इस विवाद से जुड़े सभी 15 मुकदमों को एक साथ जोड़ कर सुनवाई के फैसला लिया था.


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