विद्या भारती द्वारा सप्तशक्ति संगम कार्यक्रम का आयोजन विद्या सिदार के अध्यक्षता में हुआ सम्पन्न
सक्ती : नारी तू नारायणी l। नारी शक्ति के जागरण । एवं समाज और राष्ट्र के निर्माण में नारी शक्ति का महत्वपूर्ण योगदान । को लक्ष्य मानकर शक्ति l । नारी तू नारायणी l। नारी शक्ति के जागरण । एवं समाज और राष्ट्र के निर्माण में नारी शक्ति का महत्वपूर्ण योगदान । को लक्ष्य मानकर विद्या भारती द्वारा सप्तशक्ति संगम कार्यक्रम का आयोजन सरस्वती शिशु मंदिर के सभागार में नगर एवं । अनेक ग्रामों की । सैकड़ो मात्र शक्तियों की उपस्थिति में । संपन्न हुआ lकार्यक्रम की अध्यक्षता श्रीमती विद्यासिदार । प्रदेश महामंत्री एवं सभापति जिला पंचायत शक्ति ,। मुख्य वक्ता श्रीमती विद्या महंत । सदस्य ग्राम भारती शक्ति जिला ,। सहवक्ता श्रीमती रश्मि तिवारी प्रवक्ता भागवत प्रवाह छत्तीसगढ़। एवं विशिष्ट अतिथि । सुश्री अन्नपूर्णा राठौर अधिवक्ता शक्ति द्वारा भारत माता के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं पूजन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया lकेवल अपने परिवार अथवा गृहस्थ जीवन में ही नारी । का अस्तित्व नहीं बल्कि समाज और राष्ट्र के निर्माण में भी नारी शक्ति । का महत्वपूर्ण स्थान है l ।
वर्तमान भारत में शिक्षा, । खेल जगत ,। विज्ञान एवं टेक्नोलॉजी । राजनीतिक क्षेत्र एवं धर्म एवं संस्कृति तथा अध्यात्म क्षेत्र में भी बड़े उत्साह के साथ नारी शक्ति आगे बढ़ रही है l। भारत की संस्कृति का ध्वज भी नारियों ने अपने हाथ में थाम लिया है lपौराणिक काल से ही वेद पुराणों की कथाएं नारियों के प्रति सम्मान की भावना प्रकट करती है इसलिए कहा है कि जहां नारियों का सम्मान है ,। इस गृहस्थ में भगवान का निवास होता है lसप्तशक्ति संगम कार्यक्रम में सहभागी महिलाओं ने कार्यक्रम में प्रश्नोत्तरी एवं मुक्ति चिंतन के साथ वंदे मातरम गायन एवं भारत माता की आरती में भाग । लेकर कार्यक्रम को सफल बनाया शिशु मंदिर के सभागार में नगर एवं । अनेक ग्रामों की । सैकड़ो मात्र शक्तियों की उपस्थिति में । संपन्न हुआ lकार्यक्रम की अध्यक्षता श्रीमती विद्यासिदार । प्रदेश महामंत्री एवं सभापति जिला पंचायत शक्ति ,। मुख्य वक्ता श्रीमती विद्या महंत । सदस्य ग्राम भारती शक्ति जिला ,। सहवक्ता श्रीमती रश्मि तिवारी प्रवक्ता भागवत प्रवाह छत्तीसगढ़। एवं विशिष्ट अतिथि । सुश्री अन्नपूर्णा राठौर अधिवक्ता शक्ति द्वारा भारत माता के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं पूजन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया l
केवल अपने परिवार अथवा गृहस्थ जीवन में ही नारी । का अस्तित्व नहीं बल्कि समाज और राष्ट्र के निर्माण में भी नारी शक्ति । का महत्वपूर्ण स्थान है l ।वर्तमान भारत में शिक्षा, । खेल जगत ,। विज्ञान एवं टेक्नोलॉजी । राजनीतिक क्षेत्र एवं धर्म एवं संस्कृति तथा अध्यात्म क्षेत्र में भी बड़े उत्साह के साथ नारी शक्ति आगे बढ़ रही है l। भारत की संस्कृति का ध्वज भी नारियों ने अपने हाथ में थाम लिया है lपौराणिक काल से ही वेद पुराणों की कथाएं नारियों के प्रति सम्मान की भावना प्रकट करती है इसलिए कहा है कि जहां नारियों का सम्मान है ,। इस गृहस्थ में भगवान का निवास होता है lसप्तशक्ति संगम कार्यक्रम में सहभागी महिलाओं ने कार्यक्रम में प्रश्नोत्तरी एवं मुक्ति चिंतन के साथ वंदे मातरम गायन एवं भारत माता की आरती में भाग । लेकर कार्यक्रम को सफल बनाया
