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अब खाना पकाने वाले बर्तनों की क्वालिटी से समझौता नहीं, अक्टूबर से सख्त नियम लागू कर रही सरकार - Somanshu News

अब खाना पकाने वाले बर्तनों की क्वालिटी से समझौता नहीं, अक्टूबर से सख्त नियम लागू कर रही सरकार

अब खाना पकाने वाले बर्तनों की क्वालिटी से समझौता नहीं, अक्टूबर से सख्त नियम लागू कर रही सरकार

सरकार ने बड़े और मध्यम आकार की खाद्य और पेय पदार्थ बनाने वाली कंपनियों को निर्देश दिया है कि 1 अक्टूबर से कुकवेयर, बर्तन और कैन के लिए क्वालिटी कंट्रोल ऑर्डर (QCO) का पालन अनिवार्य होगा। यह कदम लगभग एक साल की राहत अवधि के बाद लागू किया जा रहा है। इसका मकसद उपभोक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना और घरेलू उत्पादों की गुणवत्ता को अंतरराष्ट्रीय मानकों के हिसाब से बनाना है।

QCO किन उत्पादों पर लागू है

QCO नियम कई प्रोडक्ट पर लागू होते हैं। इनमें स्मार्ट मीटर, फुटवियर, खिलौने, कुकिंग बर्तन, फायर एक्सटिंग्विशर, सेफ्टी ग्लास, वेल्डिंग रॉड और मकान बनाने में इस्तेमाल होने वाले सामान शामिल हैं। इसका मकसद सुरक्षा सुनिश्चित करना और निर्माण की गुणवत्ता में सुधार करना है।

उद्योग के हिसाब से टाइमलाइन

सरकार ने QCO लागू करने की तारीख को बिजनेस के आकार के हिसाब चरणबद्ध किया है। छोटे उद्यमों को जनवरी 2026 से और मझोले उद्यमों को अप्रैल 2026 से इसका पालन करना होगा। सभी निर्यात के आइटम इस नियम से मुक्त रहेंगे, ताकि अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर कोई असर न पड़े।

छोटे खिलाड़ियों को राहत

DPIIT ने छोटे और मझोले उद्यमों के लिए राहत के प्रावधान भी पेश किए हैं। अगर कोई उद्यम सरकारी उद्यम पोर्टल ‘उद्यम’ पर रजिस्टर्ड है, तो उसके लिए प्लांट और मशीनरी या उपकरण में निवेश 25 लाख रुपये से अधिक नहीं होना चाहिए। साथ ही, पिछले वित्त वर्ष का टर्नओवर 2 करोड़ रुपये से ज्यादा नहीं होना चाहिए। यह कदम छोटे व्यवसायियों पर नियमों का बोझ कम करने और उन्हें पर्याप्त समय देने के लिए लिया गया है।

QCO का मकसद क्या है?

QCO यानी क्वालिटी कंट्रोल ऑर्डर, सरकार का ऐसा नियम है, जो यह सुनिश्चित करता है कि विशिष्ट उत्पाद निर्धारित गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों पर खरे उतरें। यह नियम निर्माण, उत्पादन और आयात सभी पर लागू होता है। यह घरेलू उत्पादों की गुणवत्ता को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने में मदद करता है।

नियम लागू होने की नई टाइमलाइन

पहले यह नियम 1 सितंबर 2024 से लागू होने वाला था, लेकिन बाद में इसे 1 अप्रैल 2025 तक स्थगित किया गया। लेटेस्ट नोटिफिकेशन के अनुसार, अब बड़े और मध्यम उद्यम 1 अक्टूबर 2025 नए नियमों का पालन करेंगे। वहीं, छोटे उद्यम जनवरी 2026 और मझोले उद्यम अप्रैल 2026 से QCO का पालन करेंगे।

रिसर्च एंड डेवलपमेंट में छूट

कंपनियों को रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) में लगे होने पर भी राहत दी गई है। अधिसूचना के अनुसार, R&D में लगे निर्माता QCO नियमों का पालन किए बिना 200 यूनिट तक कुकवेयर, बर्तन और कैन आयात या उत्पादन कर सकते हैं।

ऊंचे टैरिफ से मुकाबले में मदद

यह कदम भारत में घरेलू उत्पादों की क्वालिटी सुधारने और प्रोडक्ट बनाने में इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए उठाया गया है। अमेरिका जैसे देशों के ऊंचे टैरिफ को ध्यान में रखते हुए, यह नियम भारत को उच्च गुणवत्ता वाले निर्माण में अग्रणी बनाने में मदद करेंगे।

DPIIT ने कुछ खास रियायत भी दी हैं। जैसे कि पाउडर, अर्ध-ठोस, तरल या गैस से भरे कैन के आयात पर। इससे उन कंपनियों पर नियामक बोझ कम होगा, जो आयात पर निर्भर हैं।


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