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एटीएम मशीन से कम नहीं यह फसल, बरसात में शुरू करें खेती, 8 महीने तक होगी छप्परफाड़ कमाई - Somanshu News

एटीएम मशीन से कम नहीं यह फसल, बरसात में शुरू करें खेती, 8 महीने तक होगी छप्परफाड़ कमाई

एटीएम मशीन से कम नहीं यह फसल, बरसात में शुरू करें खेती, 8 महीने तक होगी छप्परफाड़ कमाई

बरसात के मौसम में किसान  मिर्च की खेती करने से घबराते हैं. क्योंकि बारिश के मौसम में अधिकतर फैसलें बर्बाद हो जाती हैं. लेकिन मिर्च की खेती करके अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं.  मिर्च की खेती करने के लिए सबसे पहले  मिर्च की नर्सरी तैयार की जाती है. नर्सरी तैयार होने के बाद खेतों में मेड तैयार किए जाते हैं. बरसात में फसलों को बचाने के लिए मोटे एवं ऊंचाई पर मेड़ बनाएं ताकि पानी का भराव ना हो सके. उसके बाद मेड़ों पर मिर्च के पौधों को रोपित कर दिया जाता है.  मिर्च एक ऐसी सब्जी होती है, जो सभी सब्जियों में प्रयोग किया जाता है. मिर्च की डिमांड हर सीजन में रहती है. मिर्च की खेती कभी भी कर सकते हैं. लेकिन बरसात के महीने में मिर्च की खेती करने से अच्छी पैदावार एवं अच्छा मुनाफा भी होता है. क्योंकि बरसात के मौसम में जो मिर्च की अधिक पैदावार होती है और बाजारों में महंगे दामों में बिकती है. यह खेती 8 महीने की होती है.मिर्च की खेती के लिए अच्छा और मजबूत मेड बनाएं, बरसात में मेड़ बनाने का फायदा यह रहेगा कि बरसात का पानी खेतों से आसानी से निकल जाए. जब खेतों में पानी का भराव नहीं रहेगा, तो फसल को नुकसान नहीं होगा. जिसमें 4 फीट की दूरी में मेड़ बना सकते हैं. मेड़ की ऊंचाई 1 से 1.5 फीट रखें और चौड़ाई 3 फिट रख सकते हैं. इससे खेत में फसलों को नुकसान नहीं होगा और पानी भी नहीं रुकेगा.

कृषि अधिकारी भगवती प्रसाद ने बताया कि मिर्च की खेती करने के लिए जून के महीने में ही नर्सरी तैयार कर लें. फिर उसके बाद जब भी खेतों में मिर्च के पौधों को ट्रांसप्लांट करते हैं, तो उसके लिए सबसे पहले यह व्यवस्था की जाए कि खेतों में पानी कहीं भी न रुकने पाए. क्योंकि अगर खेतों में पानी रुकता है तो पौधों में जड़ गलने वाली बीमारी शुरू हो जाती है. इसके कारण पौधे भी अधिक सूखने लगते हैं.  इसके लिए जो भी किसान मिर्च की खेती करना चाहता है तो वह सबसे पहले मेड़ों पर ही पौधे लगाएं. उस किसान भाई को अधिक से अधिक फायदा मिलेगा.
बरसात के मौसम में मिर्च की फसलों में सबसे बड़ी बीमारी एक होती है. वह बीमारी पौधों में लुटरापन होने की शिकायत होती है. उस बीमारी को रोकने के लिए ट्राइकोडर्मा दवा का इस्तेमाल करके एक-एक हफ्ते के अंतराल में खेतों में स्प्रे के रूप में छिड़काव करें. इस दवा को इस्तेमाल करने के लिए 1 लीटर पानी पर 5 ग्राम दवा का प्रयोग करें. इस दवा को खुले धूप में ही डाली जाती है. जिससे इन समस्याओं से निजात मिल सके.
मिर्च की खेती करने से किसान को एक बीघा खेत में कम से कम 80 से 90 हजार का मुनाफा हो सकता है और बात करें लागत की तो एक बीघा खेत में कम से कम 10 से 15 हजार रूपये की लागत आती है. और किस को अच्छे से अच्छा मुनाफा भी हो जाता है.

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