WordPress database error: [Out of range value for column 'id' at row 1]
INSERT INTO `GUVAl_visitors_stat` (`time`, `ip`) VALUES ('1781392193', '216.73.216.98')

छत्तीसगढ़ में फूल खेती का नया ट्रेंड! नीताई मिस्त्री से सीखें लाखों कमाने का सीक्रेट फार्मूला - Somanshu News

छत्तीसगढ़ में फूल खेती का नया ट्रेंड! नीताई मिस्त्री से सीखें लाखों कमाने का सीक्रेट फार्मूला

छत्तीसगढ़ में फूल खेती का नया ट्रेंड! नीताई मिस्त्री से सीखें लाखों कमाने का सीक्रेट फार्मूला

छत्तीसगढ़ में खेती अब केवल परंपरागत फसलों तक सीमित नहीं रही है. किसान आधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक मार्गदर्शन और नवाचार अपनाकर खेती को लाभकारी व्यवसाय बना रहे हैं. गेंदा और गुलाब की खेती आय का मजबूत जरिया बनी है. बलरामपुर के राधाकृष्णानगर के कृषक नीताई मिस्त्री इसकी सशक्त मिसाल हैं, जिन्होंने कम लागत में शुरुआत कर लाखों की वार्षिक आमदनी हासिल कर रहे हैं.

खेतों में खिले गेंदा और गुलाब के फूल नीताई मिस्त्री की वर्षों की मेहनत, धैर्य और लगन को दर्शाते हैं. कृषि विज्ञान केंद्र से मिले मार्गदर्शन के बाद उन्होंने फूलों की खेती की शुरुआत की. वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाते हुए उन्होंने फसल की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों में निरंतर सुधार किया, जिससे फूलों की खेती उनकी मुख्य आय का साधन बन गई.

ड्रिप सिंचाई और मल्चिंग तकनीक का उपयोग नीताई मिस्त्री की खेती को आधुनिक स्वरूप देता है. 1 एकड़ में गुलाब और 2 एकड़ में गेंदा की खेती से वे पानी की बचत के साथ अधिक उत्पादन प्राप्त कर रहे हैं. आधुनिक सिंचाई व्यवस्था ने उनकी लागत घटाई और मुनाफा बढ़ाया है.

गुलाब और गेंदा फूलों की गुणवत्ता के कारण इनके उत्पादों की मांग केवल बलरामपुर जिले तक सीमित नहीं है. आसपास के अन्य जिलों में भी इनके फूल भेजे जाते हैं. विशेषकर शादी-ब्याह, पूजा-पाठ और मांगलिक आयोजनों के सीजन में फूलों के अच्छे दाम मिलते हैं, जिससे किसानों को सीधा लाभ होता है.

फूलों की खेती के साथ नीताई मिस्त्री धान, मक्का, गेहूं और सरसों की खेती भी कर रहे हैं. इसके अलावा 1 एकड़ में ड्रिप सिंचाई के माध्यम से टमाटर, खीरा, बैगन और फूलगोभी जैसी सब्जियों की खेती कर वे अतिरिक्त आय अर्जित कर रहे हैं. विविध खेती ने उनकी आर्थिक स्थिति को और मजबूत किया है.

नीताई मिस्त्री ने 1 एकड़ में आम और लीची के फलदार पौधे भी लगाए हैं. इसके साथ ही पशुपालन और मुर्गी पालन से नियमित आय प्राप्त कर रहे हैं. खेती के इस बहुआयामी मॉडल से वे प्रति वर्ष लगभग 3.5 से 4 लाख रुपये की आमदनी कर रहे हैं और अन्य किसानों को भी आधुनिक खेती की राह दिखा रहे हैं.


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *