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खनिज महाघोटाला!— जिला खनिज अधिकारी अजय रंजन दास गंभीर अनियमितताओं में निलंबित - Somanshu News

खनिज महाघोटाला!— जिला खनिज अधिकारी अजय रंजन दास गंभीर अनियमितताओं में निलंबित

खनिज महाघोटाला!— जिला खनिज अधिकारी अजय रंजन दास गंभीर अनियमितताओं में निलंबित

बलरामपुर :  छत्तीसगढ़ शासन के खनिज संसाधन विभाग ने जिला बलरामपुर–रामानुजगंज के खनिज अधिकारी अजय रंजन दास को भारी अनियमितताओं, विभागीय आदेशों की अनदेखी और कर्तव्य में लापरवाही के आरोपों पर तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के तहत की गई है। आदेश के साथ विभाग ने दास को निलंबन अवधि में नवा रायपुर स्थित भौमिकी एवं खनिकर्म संचालनालय में मुख्यालयित भी कर दिया है।

बार-बार नोटिस, पर जवाब नहीं – फोन बंद

जांच में पाया गया कि अजय रंजन दास कई महत्वपूर्ण बैठकों में बिना अनुमति अनुपस्थित रहे। विधानसभा सत्र के दौरान उनका मोबाइल फोन बंद पाया गया, जिससे विभागीय संचार एवं आवश्यक निर्देश बाधित हुए। उच्च अधिकारियों द्वारा बार-बार कारण बताओ नोटिस दिए जाने के बावजूद दास की ओर से कोई स्पष्टीकरण प्रस्तुत नहीं किया गया।

संचालनालय की जांच में सेरंगदांग बॉक्साइट खनिपट्टे में गंभीर अनियमितता उजागर हुई। भारतीय खान ब्यूरो द्वारा अनुमोदित खनन योजना में बॉक्साइट का ग्रेड औसतन 46–48 प्रतिशत दर्शाया गया है, लेकिन पट्टेदार को 30–35 प्रतिशत लो-ग्रेड बताकर अभिवहन पास जारी किए गए।

जिन पारपत्रों में खनिज को लो–ग्रेड दर्शाकर पास जारी किए गए, उनके क्रमांक भी विभागीय अभिलेख में दर्ज हैं—
8912408, 8913336, 8913435, 8913567 और 9363617। हैं।जांच में यह साफ हुआ कि कम ग्रेड दिखाकर लंबे समय तक राजस्व अपवंचन चलता रहा, और खनिज अधिकारी दास ने इसे रोकने कोई कार्यवाही नहीं की। इस पर भी 20 नवंबर 2025 को नोटिस जारी किया गया, पर उसका जवाब भी नहीं भेजा ग

केंद्र सरकार ने मांगी थी त्वरित रिपोर्ट

भारत सरकार के खान मंत्रालय ने ओरंगा–रेवतीपुर क्षेत्र में ग्रेफाइट और वैनेडियम के अवैध खनन पर तत्काल जांच रिपोर्ट मांगी थी। विभाग द्वारा लगातार अनुस्मारक भेजे जाने के बावजूद खनिज अधिकारी दास ने कोई रिपोर्ट नहीं भेजी और न ही कोई सूचना उपलब्ध कराई। केंद्र को स्थिति से अवगत न कराना शासन ने घोर लापरवाही माना है।

निलंबन आदेश जारी – जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा

राज्य शासन ने आदेश जारी करते हुए बताया कि निलंबन अवधि में दास का मुख्यालय नवा रायपुर स्थित संचालनालय में ही रहेगा और नियम अनुसार उन्हें जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि आगे की कार्यवाही जांच रिपोर्ट के आधार पर होगी।


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