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लेबड़ा रेतघाट का केस हार गया खनिज विभाग - Somanshu News

लेबड़ा रेतघाट का केस हार गया खनिज विभाग

लेबड़ा रेतघाट का केस हार गया खनिज विभाग

रायगढ़ : रायगढ़ जिले की सबसे ज्यादा डिमांड वाले रेतघाट लेबड़ा की नीलामी निरस्त करने के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी। सरकार को इस मामले में झटका लगा है क्योंकि अदालत ने सरकार के विरुद्ध सफल बोलीदार याचिकाकर्ता के पक्ष में फैसला सुनाया है।रेतघाटों की नीलामी में रायगढ़ जिला 15 खदानों की प्रक्रिया पूरी करवा चुका है। सबसे ज्यादा डिमांड में रही रेत खदान लेबड़ा की नीलामी को लेकर आपत्ति आई तो नीलामी ही निरस्त कर दी गई थी। रायगढ़ जिले में पहले चरण में पांच रेतघाटों को रखा गया जिसके लिए कुल 846 आवेदन आए थे। सबसे ज्यादा मांग में रही लेबड़ा घाट के लिए 510 लोगों ने आवेदन डाले थे। लेबड़ा के 510 आवेदनों के कारण पोर्टल ही क्रैश हो गया। दो दिनों तक स्क्रूटनी के बाद लेबड़ा की बोली खोली गई।

लॉटरी में लेबड़ा रेत खदान अंजय जोशी निवासी बिलासपुर को प्राप्त हुई। लेकिन महासमुंद जिले के एक आवेदक ने नीलामी को चुनौती दी। उसका कहना था कि सारे दस्तावेज सही होने के बावजूद उसे अपात्र कर दिया गया। इस वजह से लॉटरी प्रक्रिया से उसका नाम बाहर हो गया। आपत्ति को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर रायगढ़ ने लेबड़ा रेतघाट की नीलामी को निरस्त करने का आदेश दिया था। लेकिन अंजय जोशी ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई। अदालत में अंजय जोशी की ओर से दलील दी गई कि नीलामी निरस्त करने के पूर्व उसे न तो नोटिस दिया गया और न ही जवाब प्रस्तुत करने का अवसर मिला। यह प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत के विरुद्ध है। इस मामले में विवेक पटेल पिता चंपत लाल पटेल ने आपत्ति दर्ज की थी। उसका कहना था कि दस्तावेज सही होने के बावजूद उसे अपात्र किया गया। बोलीदारों में दो विवेक पटेल थे। इसलिए एक का नाम लॉटरी में आया और आपत्तिकर्ता का नाम रिजेक्ट हो गया। सॉफ्टवेयर में गलती के कारण ऐसा हुआ।

अदालत ने कहा निरस्त करने का आदेश ही गलत

अदालत ने कहा कि नीलामी कैंसल करने के पूर्व कोई याचिकाकर्ता को अवसर नहीं दिया गया जबकि उसने पूरी प्रक्रिया विधिवत पूरी की थी। ऐसे प्रशासनिक आदेश में कारण बताना जरूरी होता है जो नहीं किया गया। प्रशासनिक त्रुटि के कारण ऐसा हुआ। याचिकाकर्ता पूरी तरह से निर्दोष है। निरस्त करने का आदेश वैध आधार पर होना था। कोर्ट ने नीलामी कैंसल करने के आदेश को ही खारिज कर दिया। साथ ही स्पष्ट आदेश दिया है कि अंजय जोशी को ही लेबड़ा खदान का सफल बोलीदार घोषित किया जाए।


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