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दवाइयों की छुट्टी! Uric Acid का काल है ये जूस, डायबिटीज -हाई ब्लड प्रेशर भी रहेगा कंट्रोल - Somanshu News

दवाइयों की छुट्टी! Uric Acid का काल है ये जूस, डायबिटीज -हाई ब्लड प्रेशर भी रहेगा कंट्रोल

दवाइयों की छुट्टी! Uric Acid का काल है ये जूस, डायबिटीज -हाई ब्लड प्रेशर भी रहेगा कंट्रोल

 गर्मी के मौसम में सब्जियों का ताजा जूस पीना बहुत फायदेमंद है। लौकी का जूस  तो वरदान है। यह कई बड़ी बीमारियों में प्राकृतिक औषधि की तरह काम करता है।

यह खासतौर पर उन लोगों के लिए वरदान है जो अपने शरीर को प्राकृतिक तरीके से डिटॉक्स करना चाहते हैं या कुछ स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं। जो महिलाएं ज्यादा थकान महसूस करती हैं या खासकर जो वजन कम करना चाहती हैं, पाचन में सुधार करना चाहती हैं या अपनी त्वचा को स्वस्थ रखना चाहती हैं। चलिए आपको बताते हैं कि किन बीमारियों में लौकी का जूस वरदान है।

लौकी का जूस किन लोगों के लिए वरदान है? 

यूरिक एसिड से परेशान लोगों के लिए तो लौकी का जूस पीना बहुत फायदेमंद है। यह एक प्राकृतिक तरीका है शरीर को डिटॉक्स करने का और बढ़े हुए यूरिक एसिड लेवल को नियंत्रित करने में मदद करता है लेकिन इसी के साथ आपको भरपूर पानी पीने की जरूरत भी रहती है। साथ ही में मांस-मछली का सेवन ना करें।

यूरिक एसिड में लौकी का जूस क्यों फायदेमंद है? 

1. शरीर को डिटॉक्स करता है लौकी में 90% से अधिक पानी होता है, जो शरीर से टॉक्सिन्स और यूरिक एसिड को पेशाब के जरिए बाहर निकालने में मदद करता है।

2. एल्कलाइन नेचर वाली होती है लौकी का रस शरीर में अम्लीयता (Acidity) को कम करता है और यूरिक एसिड को संतुलित रखने में सहायक होता है।

3. फायबर्स और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर यह शरीर में सूजन को कम करता है और जोड़ों के दर्द (Gout) में राहत देता है, जो बढ़े हुए यूरिक एसिड का आम लक्षण है।

4. कैलोरी में कम, किडनी के लिए अच्छा यह किडनी को हेल्दी बनाए रखने में मदद करता है, जिससे यूरिक एसिड का प्राकृतिक तरीके से फिल्टर होना आसान हो जाता है। यूरिक एसिड बढ़ने पर क्या नहीं खाना चाहिए?

यूरिक एसिड बढ़ जाने पर खानपान का खास ख्याल रखना बहुत ज़रूरी होता है, क्योंकि कुछ खाद्य पदार्थ शरीर में पुरिन (Purines) बढ़ाते हैं, जिससे यूरिक एसिड ज़्यादा बनने लगता है और जोड़ों में दर्द, सूजन और गठिया (Gout) जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

मांसाहारी चीजें (Non-Veg Food)

रेड मीट (लाल मांस), बीफ, पोर्क, बकरी का मांस चिकन और मछली (खासकर सार्डिन, एंकोवी, हेरिंग, ट्यूना आदि) ऑर्गन मीट जैसे लीवर, किडनी – ये बहुत ज्यादा पुरिन से भरपूर होते हैं।

सी फूड (Seafood)

झींगा, केकड़ा, मछली की ग्रेवी – ये यूरिक एसिड को तेजी से बढ़ाते हैं।

अत्यधिक दालें और बीन्स

राजमा, चना, मटर, मसूर – इनमें मध्यम मात्रा में पुरिन होता है। ज़रूरत से ज़्यादा सेवन से बचें, लेकिन पूरी तरह न हटाएं। संतुलन जरूरी है।

अल्कोहॉल और बीयर

बीयर में सबसे ज़्यादा पुरिन होता है। शराब लिवर को नुकसान पहुंचाती है और यूरिक एसिड के फ्लश-आउट को रोकती है।

फ्रक्टोज़ युक्त चीजें (High Fructose)

कोल्ड ड्रिंक्स, पैकेज्ड जूस, मिठाइयां, शुगर सिरप ये यूरिक एसिड बढ़ाने के सबसे आम कारणों में से एक हैं।

फास्ट फूड और प्रोसेस्ड फूड

चिप्स, नमकीन, तले हुए स्नैक्स बर्गर, पिज्जा, और ज़्यादा तेल-मसाले वाली चीजें

इसी के साथ रखें इन बातों का ख्याल

पानी खूब पिएं – कम से कम 2.5 से 3 लीटर रोज़, ताकि यूरिक एसिड पेशाब के साथ बाहर निकल सके। फ्रेश फल-सब्जियां और लो-पुरिन डाइट लें। रोज़ाना थोड़ी हल्की कसरत या योग करें।

लौकी का जूस कैसे और कब पिएं? 

रोज़ सुबह खाली पेट 1 गिलास ताजा लौकी का रस पिएं। इसमें आप 4-5 पत्ते तुलसी या 1 चम्मच आंवले का रस भी मिला सकते हैं। कड़वी लौकी का रस ना पिएं, यह नुकसानदेह हो सकता है।

डायबिटीज (मधुमेह) के मरीजों के लिए

डायबिटीज एक ऐसी बीमारी है जो शरीर के अंगों को अंदरूनी तौर पर खौखला करती है। ऐसे लोगों को लौकी का जूस जरूर पीना चाहिए क्योंकि लौकी का जूस ब्लड शुगर को कंट्रोल करता है। इसमें लो ग्लायसेमिक इंडेक्स होता है, जो शुगर लेवल नहीं बढ़ने देता।

वजन घटाने वालों के लिए

यह लो-कैलोरी और फाइबर से भरपूर होता है, जिससे पेट भरा रहता है और भूख कम लगती है। शरीर को डिटॉक्स करने में मदद करता है। अगर आप वजन घटाना चाहते हैं तो लौकी का जूस खाली पेट पीना शुरू कर दें।

कब्ज और पाचन समस्या वालों के लिए

बहुत से लोग पेट साफ ना होने के चलते परेशान रहते हैं। कब्ज की समस्या एक बार ना हो तो सारा दिन पेट में भारीपन महसूस होता है। पाचन संबंधी कई समस्याएं आती हैं। ऐसे लोगों के लिए भी लौकी का जूस बेहद असरदार है। लौकी का जूस पेट साफ रखने में मदद करता है और कब्ज दूर करता है। यह डाइजेस्टिव सिस्टम को ठंडक देता है।

हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों के लिए

लौकी पोटैशियम से भरपूर होती है, जो ब्लड प्रेशर को संतुलित रखने में मदद करती है हालांकि ब्लड प्रेशर लो और अधिक दोनों से जुड़ी दिक्कत है तो इस जूस को पीने से पहले एक बार डॉक्टरी परामर्श अवश्य लें।

लीवर की समस्या वालों के लिए

लौकी का रस लीवर को डिटॉक्स करता है और फंक्शन बेहतर बनाता है। फैटी लिवर में भी लाभकारी माना गया है। जिन लोगों को फैटी लीवर की समस्या है वह लगातार इस जूस का सेवन करें और फिर कमाल देखें।

स्किन और हेयर प्रॉब्लम से जूझ रहे लोगों के लिए

सिर्फ हैल्थ प्रॉब्लम ही नहीं ब्यूटी के लिए भी लौकी का जूस गुणों से भरपूर है। शरीर से टॉक्सिन्स निकालकर त्वचा को साफ और चमकदार बनाता है। बालों के झड़ने और डैंड्रफ में भी फायदा करता है।

थकान और गर्मी से परेशान लोगों के लिए

अगर आपको बहुत जयादा गर्मी लगती है या थकान महसूस होती है तो भी लौकी का रस पीए। यह जूस ठंडक देने वाला होता है, जिससे शरीर को एनर्जी और कूलिंग मिलती है। गर्मियों में यह एक नेचुरल हाइड्रेटिंग ड्रिंक है।

ये बातें भी ध्यान में रखें

खाली पेट सुबह पीना लौकी का जूस पीना सबसे फायदेमंद होता है लेकिन पहले थोड़ा-सा पीकर देखें, एलर्जी तो नहीं हो रही। हमेशा ताजी लौकी से रस बनाएं। पुरानी या कड़वी लौकी का रस कभी न पिएं, यह जहरीला हो सकता है।

यदि आपको लो ब्लड प्रेशर है तो डॉक्टर की सलाह से ही लें। रोजाना जूस लेने से पहले शरीर की प्रतिक्रिया पर ध्यान दें।


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