WordPress database error: [Out of range value for column 'id' at row 1]
INSERT INTO `GUVAl_visitors_stat` (`time`, `ip`) VALUES ('1784642597', '198.244.168.94')

कालाष्टमी पर दुर्लभ शिव योग समेत बन रहे हैं कई अद्भुत संयोग, बरसेगी महादेव की कृपा - Somanshu News

कालाष्टमी पर दुर्लभ शिव योग समेत बन रहे हैं कई अद्भुत संयोग, बरसेगी महादेव की कृपा

कालाष्टमी पर दुर्लभ शिव योग समेत बन रहे हैं कई अद्भुत संयोग, बरसेगी महादेव की कृपा

वैदिक पंचांग के अनुसार, सोमवार 13 अक्टूबर को मासिक कालाष्टमी है। यह पर्व हर माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन भगवान शिव के रौद्र रूप काल भैरव देव की पूजा की जाती है। साथ ही विशेष कामों में सफलता पाने के लिए काल भैरव देव के निमित्त व्रत रखा जाता है। कालाष्टमी के दिन काल भैरव देव की कठिन साधना की जाती है।

ज्योतिषियों की मानें तो कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर दुर्लभ शिव योग का संयोग बन रहा है। साथ ही कई अन्य मंगलकारी योग बन रहे हैं। इन योग में काल भैरव देव की पूजा करने से साधक को मनचाहा वरदान मिलेगा। आइए, कालाष्टमी का शुभ मुहूर्त और योग जानते हैं-
 
कालाष्टमी शुभ मुहूर्त वैदिक पंचांग के अनुसार, कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि सोमवार 13 अक्टूबर को दोपहर 12 बजकर 24 मिनट पर शुरू होगी और 14 अक्टूबर को सुबह 11 बजकर 09 मिनट पर समाप्त होगी। कालाष्टमी पर निशा काल में काल भैरव देव की पूजा की जाती है। अत: 13 अक्टूबर को कार्तिक माह की कालाष्टमी मनाई जाएगी। वहीं, निशा काल में देर रात 11 बजकर 42 मिनट से लेकर 12 बजकर 32 मिनट तक है।

शिव योग ज्योतिषियों की मानें तो कार्तिक माह की कालाष्टमी पर दुर्लभ शिव योग का निर्माण हो रहा है। इस शुभ योग का संयोग सुबह 08 बजकर 10 मिनट से बन रहा है। वहीं, शिव योग को समापन 14 अक्टूबर को सुबह 05 बजकर 55 मिनट तक है। शिव योग में काल भैरव देव की पूजा करने से साधक को दोगुना फल मिलेगा। साथ ही सभी अधूरे काम बन जाएंगे। इसके साथ ही कालाष्टमी पर शिववास योग का भी संयोग है। इन योग में काल भैरव देव की पूजा करने से साधक को अमोघ फल की प्राप्ति होगी।

पंचांग

  • सूर्योदय – सुबह 06 बजकर 21 मिनट पर
  • सूर्यास्त – शाम 05 बजकर 53 मिनट पर
  • चंद्रोदय- देर रात 11 बजकर 20 मिनट पर
  • चंद्रास्त- दिन 01 बजकर 04 मिनट पर
  • ब्रह्म मुहूर्त – सुबह 04 बजकर 41 मिनट से 05 बजकर 31 मिनट तक
  • विजय मुहूर्त – दोपहर 02 बजकर 03 मिनट से 02 बजकर 49 मिनट तक
  • गोधूलि मुहूर्त – शाम 05 बजकर 53 मिनट से 06 बजकर 18 मिनट तक
  • निशिता मुहूर्त – रात्रि 11 बजकर 42 मिनट से 12 बजकर 32 मिनट तक

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *