विघ्नेश्वर चतुर्थी पर बन रहे कई दुर्लभ संयोग, जानें शुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय
पंचांग के अनुसार, आज यानी 24 दिसंबर को पौष माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि है। इस तिथि हर विघ्नेश्वर चतुर्थी मनाई जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, विघ्नेश्वर चतुर्थी के दिन गणपत्ति बप्पा की पूजा करने से सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है। साथ ही बिगड़े काम पूरे होते हैं। ऐसे में आइए जानते हैं आज का पंचांग के बारे में।
तिथि: शुक्ल चतुर्थी
मास पूर्णिमांत: पौष
दिन: बुधवार
संवत्:2082
तिथि: शुक्ल चतुर्थी – दोपहर 01 बजकर 11 मिनट तक
योग: हर्षण – दोपहर 04 बजकर 02 मिनट तक
करण: विष्टि – दोपहर 01 बजकर 11 मिनट तक
करण: बव – 25 दिसंबर को रात्रि 01 बजकर 30 मिनट तक
सूर्यास्त का समय: सायं 05 बजकर 30 मिनट पर
चंद्रोदय का समय: सुबह 10 बजकर 16 मिनट पर
चंद्रास्त का समय: रात्रि 09 बजकर 26 मिनट पर
अमृत काल: रात्रि 09 बजकर 23 मिनट से रात्रि 11 बजकर 04 मिनट तक
आज के अशुभ समयराहुकाल: दोपहर 12 बजकर 21 मिनट से दोपहर 01 बजकर 38 मिनट तक
गुलिकाल: प्रातः 11 बजकर 03 मिनट से दोपहर 12 बजकर 21 मिनट तक
यमगण्ड: प्रातः 08 बजकर 29 मिनट से प्रातः 09 बजकर 46 मिनट तक
आज का नक्षत्रआज चंद्रदेव धनिष्ठा नक्षत्र में रहेंगे।
धनिष्ठा नक्षत्र: पूर्ण रात्रि तक।
सामान्य विशेषताएं: आत्मविश्वासी, शक्तिशाली, धैर्यवान, परिश्रमी, प्रसिद्धि, सौंदर्य, धन, कलात्मक प्रतिभा, स्वतंत्र स्वभाव, स्वार्थी, लालची, क्रोधी, विश्वसनीय और दानशील
नक्षत्र स्वामी: मंगल देव
राशि स्वामी: शनि देव
देवता: आठ वसु (भौतिक समृद्धि के देवता)
प्रतीक: ढोल या बांसुरी
