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गोवर्धन पूजा की सही तिथि और पूजा का मुहूर्त, जानिए - Somanshu News

गोवर्धन पूजा की सही तिथि और पूजा का मुहूर्त, जानिए

गोवर्धन पूजा की सही तिथि और पूजा का मुहूर्त, जानिए

हिंदू धर्म के सबसे लोकप्रिय पर्वों में से एक ‘गोवर्धन पूजा’। इस पर्व को दिवाली के अगले दिन यानी कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि पर मनाया जाता है। गोवर्धन पूजा के दिन विधिपूर्वक भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना की जाती है। साथ ही 56 तरह के भोग अर्पित किए जाते हैं।

धार्मिक मान्यता है कि उपासना करने से साधक को जीवन के समस्त दुख और संताप से मुक्ति मिलती है। इस बार गोवर्धन पूजा की डेट को लेकर लोग बहुत कंफ्यूज हो रहे हैं। कुछ लोग गोवर्धन पूजा 1 नवंबर की बता रहे हैं।

वहीं कुछ लोग यह पर्व 2 नवंबर को मनाने की बात कह रहे हैं। ऐसे में आइए जानते हैं, इस वर्ष कब है गोवर्धन पूजा और शुभ मुहूर्त।

जानिए गोवर्धन पूजा 2024 तिथि और शुभ मुहूर्त

पंचांग के अनुसार, कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि 01 नवंबर शाम 06:16 से शुरू होगी और इस तिथि का समापन 02 नवंबर रात्रि 08:20 का होगा गोवर्धन पूजा का आयोजन सुबह के समय किया जाता है। इसलिए यह पर्व 02 नवंबर 2024, शनिवार के दिन मनाया जाएगा। इस दिन गोवर्धन पूजा का समय है सुबह 06:35 से सुबह 08:45 के बीच रहेगा। वहीं संध्या पूजा के लिए शाम 03:25 से शाम 05:35 के बीच शुभ समय रहेगा।

गोवर्धन पूजा का धार्मिक महत्व

गोवर्धन हिंदू धर्म के सबसे लोकप्रिय पर्वों में से एक है। इस दिन भगवान कृष्ण की पूजा का विधान है। इस शुभ दिन पर, लोग अत्यधिक भक्ति और प्रेम के साथ कान्हा की पूजा करते हैं। हिंदू धर्मग्रंथ, भागवत पुराण के अनुसार, एक समय था जब गोकुल के लोग भगवान इंद्र की पूजा करते थे, लेकिन एक दिन भगवान कृष्ण ने उन्हें भगवान इंद्र की पूजा न करने और गोवर्धन पहाड़ की पूजा करने के लिए कहा।

सभी लोगों ने कृष्ण की बात मानकर अन्नकूट की पूजा प्रारंभ कर दी। इस बात से भगवान इंद्र क्रोधित हो गए और उन्होंने मूसलाधार बारिश करना शुरू कर दिया। तब भगवान कृष्ण ने ग्रामीणों को भगवान इंद्र के प्रकोप से बचाने के लिए पूरे गोवर्धन पर्वत को अपनी छोटी उंगली पर उठा लिया था। कृष्ण की दिव्य शक्तियों को पहचान कर इंद्र देव शांत हो गए और उन्होंने बारिश बंद कर श्री कृष्ण से क्षमा मांगी।

इस दिन दान-पुण्य का भी विशेष महत्व है। मान्यता है कि इस विशेष दिन पर दान-पुण्य करने से व्यक्ति के सभी पाप और कष्ट दूर हो जाते हैं।


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