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युक्तियुक्तकरण में हुई भारी अनियमितताओं के खिलाफ अनिश्चित कालीन धरना,मुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन - Somanshu News

युक्तियुक्तकरण में हुई भारी अनियमितताओं के खिलाफ अनिश्चित कालीन धरना,मुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

युक्तियुक्तकरण में हुई भारी अनियमितताओं के खिलाफ अनिश्चित कालीन धरना,मुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

रायपुर  : युक्तियुक्तकरण में हुई भारी अनियमितताओं के खिलाफ अनिश्चित कालीन धरना दे रहे प्रदेश भर के सैकड़ों शिक्षकों ने बुधवार को रायपुर स्थित लोक शिक्षण संचनालय पहुंचकर मुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री के नाम महत्त्वपूर्ण ज्ञापन सौंपा। संचालक की अनुपस्थिति में यह ज्ञापन उप संचालक आशुतोष चावरे को सौंपा ।

ज्ञापन सौंपने पहुंचे शिक्षक प्रतिनिधि बिलासपुर, बालोद, धमतरी, कोरबा, कोंडागांव, बस्तर, सुकमा, आरंग, जांजगीर-चांपा सहित कई जिलों से शामिल हुए। इनमें प्रदीप पुनम बरियार, रघुनंदन साहू, रेणुका चंद्राकर, रवि वर्मा, उमाशंकर राठिया, आभा दुबे, कोमल पटेल, पुष्पा साहू, किरण सिन्हा, शैलेन्द्र शर्मा, भगवती साहू, रवि श्रीवास्तव सहित अनेक शिक्षक शामिल थे।

धरना आंदोलन को आज दो बड़े संगठनों का औपचारिक समर्थन भी मिला है। छत्तीसगढ़ शिक्षक संघ के दुर्ग संभाग अध्यक्ष भुवन सिन्हा और नवीन शिक्षक संघ के प्रांत अध्यक्ष विकास राजपूत ने संचनालय पहुंचकर शिक्षकों की मांगों का समर्थन किया और लिखित समर्थन पत्र भी सौंपा। दोनों नेताओं ने कहा कि युक्ति युक्तिकरण प्रक्रिया में हुआ अन्याय अस्वीकार्य है, संगठन शिक्षक हितों की लड़ाई में पूरी मजबूती के साथ खड़ा है।

शिक्षकों की ओर से सौंपे गए ज्ञापन में वरिष्ठता निर्धारण में त्रुटियां, विषयवार पदस्थापना की उपेक्षा, वास्तविक रिक्त पदों को छिपाने, 5–6 महीनों से वेतन–निरोध, चार स्तरीय अभ्यावेदन समितियों में सुनवाई न होने, पति–पत्नी स्थानांतरण नियमों के उल्लंघन और गंभीर बीमारी वाले शिक्षकों की अनदेखी जैसे प्रमुख मुद्दे उठाए गए हैं। ज्ञापन में कहा गया है कि शिक्षक सेटअप वर्ष 2008 के अनुरूप आज भी अपरिवर्तित है, इसके बावजूद मनमाने ढंग से वरिष्ठ शिक्षकों को अतिशेष घोषित किया जा रहा है, जिससे शिक्षा व्यवस्था पर नकारात्मक असर पड़ रहा है।

आंदोलन की पृष्ठभूमि में 14 नवंबर को तुता मैदान में एकदिवसीय धरना आयोजित किया गया था, जिसके बाद 6 दिसंबर से अनिश्चित कालीन धरना जारी है। समस्या के समाधान में शासन की निष्क्रियता के विरोध में आज संचनालय पहुंचकर व्यापक शिक्षक प्रतिनिधि मंडल ने अपनी आवाज उठाई।

शिक्षक संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि शासन द्वारा वेतन आहरण बहाल करने, वरिष्ठता पुनर्स्थापना और रिक्तियों के सत्यापन पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन अगले चरण में संचनालय और शिक्षा मंत्रालय के घेराव तक पहुंच जाएगा।

शिक्षकों का साफ कहा है कि सम्मान, न्याय और शिक्षा की गुणवत्ता पर किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा और उनका संघर्ष संवैधानिक, शांतिपूर्ण और निरंतर जारी रहेगा।


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