गन्ने में तेजी से फैल रहा जड़ सड़न रोग, फसल बचाने के लिए किसान तुरंत करें ये उपाय
देशभर के कई हिस्सों में जोरदार बारिश हो रही है। भारी बारिश से किसानों की फसलों को नुकसान पहुंच रहा है। इन दिनों बारिश से सबसे अधिक नुकसान गन्ने की फसल में देखने को मिल रहा है जिसने गन्ना किसानों की परेशानी को बढ़ा दिया है।
गन्ने के खेत में जलभराव की स्थिति से गन्ने में जड़ सड़न रोग और कीटों का प्रकोप हो रहा है। इसे देखते हुए गन्ना विकास विभाग ने किसानों को राहत देने के लिए फील्ड में कार्यकर्ताओं की तैनाती के साथ ही ड्रोन द्वारा छिड़काव व कीटनाशक नियंत्रण का काम तेजी से शुरू कर दिया है ताकि गन्ने की फसल को नुकसान से बचाया जा सके।
जड़ सड़न रोग से इस तरह फसल होती है बर्बाद
जड़ सड़न रोग गन्ने की फसल (Sugarcane Crop) में अत्यधिक पानी और खराब जल निकासी के कारण होता है। जब खेतों में लंबे समय तक जलभराव रहता है, तो गन्ने की जड़ें सड़ने लगती हैं। इससे पौधों की पोषण लेने की क्षमता घट जाती है, और धीरे-धीरे पौधे पीले पड़कर सूखने लगते हैं।
पूर्व कृषि निदेशक डॉ. जितेंद्र कुमार तोमर के अनुसार, जुलाई, अगस्त और सितंबर के महीने गन्ने की वृद्धि के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं। लेकिन इस बार मानसून की तीव्रता के कारण खेतों में पानी भर गया है, जिससे गन्ना फसल (Sugarcane Crop) में कीट व बीमारियों के फैलने का खतरा कई गुना बढ़ गया है।
जड़ सड़न रोग व कीट बचाव के आसान तरीके
गन्ना विकास विभाग ने किसानों को यह सलाह दी है कि वे जलभराव से जल्द छुटकारा पाने के लिए खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था करें। साथ ही फसल में कीट व रोग नियंत्रण के लिए वैज्ञानिकों द्वारा अनुमोदित कीटनाशकों और दवाओं का समय से छिड़काव करें।
इसके अलावा इस Sugarcane Crop रोग के प्रभावी उपाय के तौर पर 2 ग्राम थायोफेनेट मिथाइल 70 WP या कार्बेन्डाजिम 50 WP को प्रति लीटर पानी में घोलकर जड़ों के पास ट्रेंचिंग करें। वहीं किसान NPK 19:19:19 उर्वरक का 5 किग्रा प्रति हेक्टेयर की दर से 1000 लीटर पानी में घोल बनाकर फोलियर छिड़काव भी कर सकते हैं।
इसके अलावा, चीनी मिलें भी किसानों को लाइट ट्रैप मशीनें उपलब्ध करा रही हैं, जिससे हानिकारक कीटों की निगरानी और नियंत्रण संभव हो सके।
किसानों की सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी..
गन्ना Sugarcane Crop किसानों को यदि किसी भी प्रकार की समस्या या सुझाव हो, तो वे गन्ना विकास विभाग की टोल फ्री हेल्पलाइन 18001213203 पर संपर्क कर सकते हैं। इस पर कीट नियंत्रण, रोग निदान, और जंगली जानवरों से सुरक्षा से संबंधित जानकारी साझा की जा सकती है।
बता दें कि इस समय गन्ना किसानों के लिए जड़ सड़न रोग एक गंभीर समस्या बन चुकी है, लेकिन सही समय पर पानी की निकासी, उचित दवा छिड़काव और विभागीय सहयोग से फसल को बचाया जा सकता है।
उत्तर प्रदेश सरकार व गन्ना विकास विभाग किसानों के साथ मिलकर कार्य कर रहा है, और आधुनिक उपायों से Sugarcane Crop रोग नियंत्रण के प्रयास जारी हैं। किसान भाइयों से अपील है कि वे तुरंत खेत की स्थिति की समीक्षा करें और ऊपर दिए गए उपायों को अपनाकर अपनी गन्ना फसल को सुरक्षित करें।
