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नवंबर महीने में सब्जी उगाने वाले किसान इन 3 बातों का रखें ध्यान... - Somanshu News

नवंबर महीने में सब्जी उगाने वाले किसान इन 3 बातों का रखें ध्यान…

नवंबर महीने में सब्जी उगाने वाले किसान इन 3 बातों का रखें ध्यान…

सब्जी हर घर में हर रोज की जरूरत होती है. हमारे यहां सब्जियों का मिजाज ये है कि हर शाम सबसे अधिक भीड़ सब्जी मंडी में ही होती है. बाजार से सब्जियां खरीदने की बजाय खेतों और गमलों में सब्जियां उगाना भी लोगों का खास शौक हो गया है. बंपर डिमांड होने के चलते इसकी खेती भी किसानों के लिए फायदेमंद है. अगर आप नवंबर महीने में सब्जी की खेती करना चाहते हैं तो 3 जरूरी बातों का ध्यान रखना होगा. आइए आसान भाषा में समझ लेते हैं.

मिट्टी की तैयारी

खेती करने के लिए खेत की अच्छी तैयारी करना बहुत जरूरी है. आपको बता दें कि फसल रोपने से पहले मिट्टी को अच्छी भुरभुरी बनाना बहुत जरूरी है. इसके बाद सड़े हुए गोबर की खाद डालें. 10 क्विंटल प्रति एकड़ के हिसाब से खाद डालकर पाटा चला दें. इन दिनों आलू, गाजर, मूली, चुकंदर, गोभी और टमाटर खास सब्जियां हैं जिसे उगाने के लिए क्यारियां बनाना जरूरी है.

सिंचाई और तापमान नियंत्रण

नवंबर की बात हो रही है तो किसान अच्छी तरह से जानते हैं कि इन दिनों हल्की सर्दी शुरू हो जाती है. नवंबर के दिनों में तापमान भी कम होने लगता है, इसलिए जलभराव ना होने दें इससे पौधों की जड़ें कमजोर होती हैं. नवंबर के दिनों में ऐसी जगह पर सब्जियां उगाएं जहां पर लगातार धूप आती रहे. इन दिनों सिंचाई करने के लिए भी ड्रिप इरिगेशन तकनीक अपनाएं ताकि जरूरत से ज्यादा पानी ना बहे और जल संरक्षण भी हो.

फसल की देखभाल 

सब्जियों को अच्छी तरह से तैयार करने के लिए उनकी बेहतर देखभाल भी बहुत जरूरी है. जैसा कि आप सब जानते हैं कि फसल तैयार करने के लिए खाद पानी की जरूरत होती है. पहली बार बुवाई से पहले ही मिट्टी में खाद मिला दी जाती है. इसके बाद आपको पौधों में नाइट्रोजन और पोटाश देने के लिए रासायनिक खाद एक बार देनी होगी. अगर आप रासायनिक खाद की बजाय ऑर्गेनिक तरीके से सब्जियां उगाते हैं तो और भी फायदेमंद है, और उनकी कीमत भी अच्छी होती है. आइए जान लेते हैं कि देखभाल कैसे की जाती है.

  1. शुरुआत में हफ्ते में 4-5 बार सिंचाई करें ताकि नमी कम ना होने पाए.
  2. एक महीने के बाद खेत की निराई करना जरूरी है, खरपतवार साफ होने से पौधे तेजी से बढ़ते हैं
  3. 45 दिनों में 3-4 क्विंटल प्रति एकड़ वर्मी खाद का छिड़काव करें
  4. खाद देने से फूल अधिक बनेंगे और फल तेजी से बढ़ते हैं
  5. 30-35 दिनों में एक बार ऑर्गेनिक कीटनाशक भी दें ताकि सुरक्षा हो सके
  6. 60 दिनों बाद ज्यादातर सब्जियां तैयार होने लगती हैं, पकने पर तुड़ाई या खुदाई करें.

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