WordPress database error: [Out of range value for column 'id' at row 1]
INSERT INTO `GUVAl_visitors_stat` (`time`, `ip`) VALUES ('1784735492', '2a03:2880:f812:40::')

रबी सीजन की तैयारी में जुटे किसान, कृषि विभाग ने दी बुवाई से लेकर पशुपालन तक अहम सलाह - Somanshu News

रबी सीजन की तैयारी में जुटे किसान, कृषि विभाग ने दी बुवाई से लेकर पशुपालन तक अहम सलाह

रबी सीजन की तैयारी में जुटे किसान, कृषि विभाग ने दी बुवाई से लेकर पशुपालन तक अहम सलाह

अक्टूबर माह में रबी सीजन की तैयारी को लेकर बीकानेर स्थिर स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय ने किसानों के लिए नई कृषि सलाह (Agri Advisory) जारी की है. इसमें मूंगफली, सरसों, चना, मसूर, सब्जियों और चारा फसलों की बुवाई से लेकर पशुपालन तक के लिए उपयोगी सुझाव दिए गए हैं.

मुख्य फसलें और सलाहें:

मूंगफली (परिपक्वता और सिंचाई):
मूंगफली की फसल में फली पकने पर आवश्यकतानुसार सिंचाई करें.

मूंग, उड़द, बाजरा, तिल, ज्वार (परिपक्वता और कटाई):
इन फसलों की कटाई के समय पौधों को खेत में सुखाएं और खराब बीजों को अलग रखें ताकि अगली फसल के लिए अच्छा बीज सुरक्षित रह सके.

चना, तिल, तारामीरा/सरसों (बुवाई की तैयारी):

  1. खेतों की तैयारी के साथ उन्नत किस्मों का चयन करें.
  2. बुवाई के लिए 15–20 किग्रा बीज प्रति हेक्टेयर की दर से बुवाई करें.
  3. उन्नत किस्में: पीडीएफ-2, पीडीएफ-3, पीडीएफ-4, आरएलसी-1, आरजी-234, आरजेड-19, आरजी-48, आरजी-119 आदि.
  4. बीजोपचार के लिए प्रति किग्रा बीज में थायरम 2.5 ग्राम या बाविस्टीन 2 ग्राम मिलाएं.

उद्यानिकी (सब्ज़ियां):

  • टमाटर, मिर्च, गोभी, फूलगोभी, बैंगन आदि की नर्सरी की तैयारी और रोपाई का यह उपयुक्त समय है.
  • पौधों के बीच 1×1 मीटर दूरी रखें ताकि विकास समान रूप से हो.

चारा प्रबंधन:

  • बरसीम, लुसर्न, मक्का और जई की बुवाई करें.
  • उच्च उत्पादन के लिए बरसीम की उन्नत किस्में जैसे JB-1, BL-10, और Mescavi बोएं.

पशुपालन:

  • पशुओं को संतुलित आहार दें और ठंड के मौसम के लिए पशुशाला में गर्माहट बनाए रखें.
  • गर्भवती और दुग्ध देने वाली गायों को अतिरिक्त 20–50 ग्राम मिनरल मिक्सचर रोजाना खिलाएं.
  • खुरपका–मुंहपका जैसी बीमारियों से बचाव के लिए नियमित टीकाकरण कराएं.

कृषि विभाग की अपील:

कृषि विशेषज्ञों ने कहा कि किसान मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए सिंचाई और बुवाई का समय निर्धारित करें. सही बीज, उचित दूरी और समय पर खरपतवार नियंत्रण से फसल उत्पादन में वृद्धि की जा सकती है.

कैसा रहेगा मौसम:

राजस्थान में एक नई मौसम प्रणाली बनने वाली है जो 25 अक्टूबर से एक्टिव होगी और 28 अक्टूबर तक इसका प्रभाव देखा जा सकता है. मौसम विभाग के मुताबिक, इस नई प्रणाली से दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के कोटा और उदयपुर संभाग के कुछ हिस्से प्रभावित होंगे. इससे 25-28 अक्तूबर के बीच इस इलाके में बादल छाने और कहीं- कहीं हल्की बारिश होने की संभावना है. मौसम विभाग ने कहा है कि राजस्थान के अधिकांश इलाकों में मौसम साफ रहेगा.

राजस्थान में ठंड धीरे-धीरे दस्तक दे रही है जिससे आने वाले दिनों में तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी. मौसम विभाग का अनुमान है कि 25 अक्टूबर के बाद कोटा, बारां, उदयपुर, बांसवाड़ा और डूंगरपुर जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. इन इलाकों में मौसम में और तापमान गिर सकता है.


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *