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पितृ पक्ष के आखिरी दिन जरूर करें ये काम, बनी रहेगी पितरों की कृपा - Somanshu News

पितृ पक्ष के आखिरी दिन जरूर करें ये काम, बनी रहेगी पितरों की कृपा

पितृ पक्ष के आखिरी दिन जरूर करें ये काम, बनी रहेगी पितरों की कृपा

नई दिल्ली: पितृ पक्ष 15 दिनों तक चलते हैं, जिसमें अपने पूर्वजों को भोजन और अर्पण कर श्रधांजलि दी जाती है। इस साल पितृ पक्ष की शुरुआत 7 सितंबर से हुई थी, वहीं इसका समापन 21 सितंबर को होने जा रहा है। सर्वपितृ अमावस्या (Sarva Pitru Amavasya 2025) को पितरों की कृपा प्राप्ति के लिए एक खास दिन माना गया है। इस दिन पर यदि आप ये कार्य करते हैं, तो इससे आपको पितरों का आशीर्वाद मिल सकता है। चलिए जानते हैं इस बारे में।

सर्वपितृ अमावस्या मुहूर्त आश्विन माह की अमावस्या तिथि का प्रारंभ 21 सितंबर, को रात 12 बजकर 16 मिनट पर हो रहा है। वहीं इस तिथि का समापन 22 सितंबर को देर रात 1 बजकर 23 मिनट पर होने जा रहा है। ऐसे में सर्वपितृ अमावस्या रविवार, 21 सितंबर को मनाई जाएगी और इस दिन शुभ मुहूर्त कुछ इस प्रकार रहने वाला है –

  1. कुतुप मूहूर्त – सुबह 11 बजकर 50 मिनट से दोपहर 12 बजकर 38 मिनट तक
  2. रौहिण मूहूर्त – दोपहर 12 बजकर 38 मिनट से 1 बजकर 27 मिनट तक
  3. अपराह्न काल – दोपहर 1 बजकर 27 मिनट से दोपहर 3 बजकर 53 मिनट तक

जरूर करें ये कामसर्वपितृ अमावस्या के दिन सुबह जल्दी उठकर पवित्र नदी में स्नान करें। अगर ऐसा न कर पाएं, तो इसके स्थ घर पर ही पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान कर सकते हैं। इस दिन पितरों के निमित्त तर्पण और पिंडदान करें।

इस दिन पर गाय, कुत्‍ते, कौवे, देव और चींटी के लिए भोजन निकालें। साथ ही ब्राह्मणों को भोजन करवाएं और अपनी क्षमता के अनुसार दान-दक्षिणा दें। ऐसा करने से पितरों की कृपा मिलती है।

पीपल के पेड़ के उपायसर्वपितृ अमावस्या के दिन पीपल की पेड़ की पूजा जरूर करेंं, क्योंकि इस पेड़ में पितरों का वास माना जाता है। पेड़ की सात परिक्रमा करें और पेड़े के नीचे सरसों के तेल के दीपक में काले तिल डालकर जलाएं। आप इस दिन पर किसी मंदिर के बाहर पीपल का पेड़ भी लगा सकते हैं। ऐसा करने से भी आपको शुभ परिणाम मिल सकते हैं।


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