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भू-माफिया पर कसी नकेल, दूसरी तहसील के क्षेत्र में प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री कराने पर देनी होगी बड़ी रकम - Somanshu News

भू-माफिया पर कसी नकेल, दूसरी तहसील के क्षेत्र में प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री कराने पर देनी होगी बड़ी रकम

भू-माफिया पर कसी नकेल, दूसरी तहसील के क्षेत्र में प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री कराने पर देनी होगी बड़ी रकम

रायपुर :  प्रॉपर्टी रजिस्ट्री पर राज्य सरकार के नए नियम ने भू-माफिया और संपत्ति की खरीदी-बिक्री करने वालों की नींद उड़ा दी है. दरअसल, अब एक तहसील क्षेत्र की प्रॉपर्टी को अब दूसरे तहसील या ब्लॉक क्षेत्र के पंजीयन दफ्तर में जाकर रजिस्ट्री कराने पर 23,900 रुपए का अतिरिक्त भुगतान करना होगा, जबकि पहले यह काम महज 11 सौ रुपए में हो जाता था. यह भी पढ़ें : अरबपति धमतरी : सालभर में 3 अरब से ज्यादा की शराब गटक गए मदिरा प्रेमी

जानकार बताते हैं कि पूर्व में नियम ऐसे लोगों को ध्यान में रखते हुए बनाए गए थे, जो शारीरिक रूप से बीमार हों या फिर दूर का सफर तय नहीं कर सकते थे. उनसे सिर्फ 11 सौ रुपए की फीस लेकर जिले के किसी भी पंजीयन कार्यालय में रजिस्ट्री कर दी जाती थी. यह सहुलियत थी, लेकिन इसका फायदा उठाकर जमीन दलाल और रसूखदार शासन को नुकसान पहुंचाने लगे.

इस संबंध में राज्य शासन द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, 10 दिसंबर से यह नियम लागू हो गया है. जारी अधिसूचना में अनुच्छेद सात के कंडिका क में उल्लेख किया गया है कि रजिस्ट्रार द्वारा किसी भी दस्तावेज के रजिस्ट्रीकरण के लिए अतिरिक्त शुल्क लिया जाएगा. लेकिन जमीन कारोबार से जुड़े लोगों का मानना है कि यह आदेश पर्याप्त और स्पष्ट नहीं है. कंडिका में निर्धारित निर्देश ही बार नियम का आधार है.

जमीन कारोबारियों का शातिराना खेल

इस नए नियम को लागू करने के पीछे एक बड़ा कारण यह भी है कि जमीन के कारोबारी अब तक मुख्य सड़क से लगी जमीन की टुकड़ों में रजिस्ट्री कराकर स्टाम्प शुल्क में सेंध लगा रहे थे. इसमें मुख्य मार्ग से लगी जमीन को टुकड़ों में बांट दिया जाता है, जिसमें जमीन का छोटा हिस्सा सड़क से लगे भले ही रहे, लेकिन बड़ा हिस्सा सड़क से अंदर हो जाता है.

रजिस्ट्री के लिए देनी होगी निर्धारित फीस

इस कयावद की वजह से मुख्य मार्ग से लगी कम जमीन की रजिस्ट्री के लिए भले ही अधिक स्टांप शुल्क अदा कर देते थे, लेकिन अंदर के बड़े भू-भाग के लिए बहुत कम स्टाम्प शुल्क लगता था. इसी शुल्क से बचने के लिए लोग शासन के खजाने में सेंध लगा रहे थे. इस गड़बड़ी को रोकने शासन ने नया नियम लागू किया है. इस नई पहल के बाद चाहे कही भी रजिस्ट्री कराए शासन नुकसान की राशि को निर्धारित फीस के जरिए वसूल कर लेगी.

गड़बड़ी पर लगेगी रोक

पंजीयक शासन की नई अधिसूचना से भली-भांति परिचित हो चुके हैं. पंजीयक ने पुष्टि की कि तहसील क्षेत्र बदलकर जमीन की रजिस्ट्री कराने की सुविधा शुल्क में वृद्धि की गई है. नए नियम के तहत अब दूसरे तहसील क्षेत्र में जाकर प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री कराने पर 25 हजार रुपए शुल्क लगेगा. इससे पहले यह राशि 11 सौ रुपए थी. इस नए नियम से गड़बड़ी पर भी रोक लगेगी.


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