पूर्व CM को नक्सलियों की चिंता…जनता की नहीं, विवादित बयान पर कांग्रेस नेता बोले
रायपुर : छत्तीसगढ़ सरकार ने बस्तर के अंदरूनी इलाकों में सुरक्षाबलों को प्रवेश के निर्देश देते हुए नक्सलवाद के खिलाफ एक बड़ा कदम उठाया है। पिछले सात दिनों से छत्तीसगढ़ और तेलंगाना के सीमा क्षेत्र पर बड़े पैमाने पर सर्चिंग अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत सुरक्षाबलों को कई महत्वपूर्ण सफलता हाथ लगी है, जिसमें आधे दर्जन से ज्यादा नक्सलियों को मार गिराया गया है और सैकड़ों आईईडी विस्फोटकों को नष्ट किया गया है। इस अभियान ने सरकार और सुरक्षा बलों के मनोबल को ऊंचा किया है।
केंद्र और राज्य सरकार का लक्ष्य है कि अगले साल मार्च तक देश भर से नक्सलवाद को पूरी तरह समाप्त कर दिया जाए और देश को वामपंथी उग्रवाद से मुक्ति दिलाई जाए। इसी बीच, तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री और बीआरएस पार्टी के प्रमुख के चंद्रशेखर राव (केसीआर) ने इस ऑपरेशन की आलोचना करते हुए एक विवादित बयान दिया। उन्होंने इसे “नरसंहार” करार देते हुए कहा, “ऑपरेशन कगार के नाम पर भाजपा सरकार छत्तीसगढ़ के युवाओं और आदिवासियों का नरसंहार कर रही है। यह लोकतंत्र जैसा नहीं लगता। यह उस व्यक्ति की तरह नहीं है जो सिर्फ कहता है कि उसके पास शक्ति है।” केसीआर ने यह भी कहा कि नक्सलियों से बातचीत करनी चाहिए, न कि उन्हें बल से खत्म करने का प्रयास करना चाहिए।
केसीआर के इस बयान पर छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री धनेन्द्र साहू ने प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा, “नक्सलवाद को खत्म करना चाहिए, इसमें सभी का समर्थन है। लेकिन केसीआर नक्सलियों की भाषा बोल रहे हैं। उन्हें तेलंगाना की चिंता करनी चाहिए।”
