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276 कर्मचारियों को कलेक्टर ने जारी किया नोटिस, रिटर्निंग ऑफिसर से भी जवाब तलब  - Somanshu News

276 कर्मचारियों को कलेक्टर ने जारी किया नोटिस, रिटर्निंग ऑफिसर से भी जवाब तलब 

276 कर्मचारियों को कलेक्टर ने जारी किया नोटिस, रिटर्निंग ऑफिसर से भी जवाब तलब 

बलौदा बाजार : छत्तीसगढ़ के बलौदा बाजार में पंचायत चुनाव 2025 की प्रक्रिया में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों पर कलेक्टर ने सख्त रुख अपनाया है. मतदान दलों के प्रशिक्षण से अनुपस्थित रहने वाले 276 कर्मचारियों को कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी दीपक सोनी ने नोटिस जारी किया है. इन कर्मचारियों को 24 घंटे के भीतर जवाब देने का निर्देश दिया गया है. साथ ही सिमगा के रिटर्निंग ऑफिसर (R.O.) अंशुल वर्मा को भी मुख्यालय से अनुपस्थित रहने पर कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है.

ये है मामला 

त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के तहत मतदान कर्मियों का द्वितीय प्रशिक्षण 13 और 14 फरवरी 2025 को विकासखंड मुख्यालयों में आयोजित किया गया था. इसके बावजूद बड़ी संख्या में कर्मचारी बिना किसी सूचना के अनुपस्थित रहे. आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार बलौदा बाजार से 15 कर्मचारी, भाटापारा से 29 कर्मचारी सिमगा से 106 कर्मचारी, कसडोल से 56 कर्मचारी और पलारी से 70 कर्मचारी अनुपस्थित रहे. चुनावी प्रक्रिया के लिए यह गंभीर लापरवाही मानी जा रही है.

जवाब नहीं देने पर होगी कार्रवाई

जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम एवं छत्तीसगढ़ पंचायत निर्वाचन नियम 1995 के नियम 17(2)(3) के तहत निर्वाचन कार्य में लापरवाही अनुशासनात्मक कार्रवाई योग्य अपराध है. अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो संबंधित कर्मियों के खिलाफ कठोर प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी.

रिटर्निंग ऑफिसर पर भी गिरी गाज

लापरवाही सिर्फ कर्मचारियों तक सीमित नहीं रही, बल्कि जिम्मेदार अधिकारी भी ड्यूटी से नदारद रहे. सिमगा के रिटर्निंग ऑफिसर अंशुल वर्मा  बिना किसी पूर्व सूचना के मुख्यालय से अनुपस्थित पाए गए थे. जब उनकी लोकेशन ट्रेस कराई गई तो वे रायपुर में मिले. इस मामले को गंभीर मानते हुए कलेक्टर ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया. आदेश में कहा गया है कि निर्वाचन जैसे संवेदनशील कार्यों में लापरवाही करना छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के उप नियम (1) के खंड (एक) (दो) का उल्लंघन है.

चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता बनाए रखने के निर्देश

प्रशासन ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिया है कि वे निर्वाचन प्रक्रिया को सर्वोच्च प्राथमिकता दें. मतदान से संबंधित सभी प्रशिक्षण और प्रक्रिया का गंभीरता से पालन करें. यदि कोई भी अधिकारी या कर्मचारी अनुशासनहीनता या लापरवाही करता पाया गया, तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी.


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