छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत मण्डल में व्याप्त अनियमितता एवं भ्रष्टाचार
जैजैपुर : छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत मण्डल में व्याप्त अनियमितता एवं भ्रष्टाचार मनमानी का जंगलराज कहीं देखना है तो इधर उधर जाने की आवश्यकता नहीं है सीधे पधारिए जैजैपुर – मालखरौदा मुख्य मार्ग पर स्थित 33Kv सबस्टेशन पिहरीद जहां से संचालित होता है श्रीमान कनिष्ठ यंत्री महोदय छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी मालखरौदा का खण्डहर नुमा दफ्तर है | जो यहां के कर्मचारियों तथा ठेकेदारों के लिए कुबेर का खजाना से कम नहीं है ,जो कर्मचारी एकबार यहां पदभार ग्रहण कर लेता है यहां से जाने का नाम ही नहीं देता जिसका मुख्य कारण क्या हो सकता है?
छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग द्वारा यहां पदस्थ कर्मचारियों के पगार में हर माह लाखों रुपए खर्च किये जाने के बावजूद साल के बारहों महिने विद्युत उपभोक्ता बिजली कटौती से परेशान रहते हैं , यहां के छात्र व्यापारी उद्योगपतिकिसान सब भगवान भरोसे हैं , मानसून के दस्तक के साथ किसान खरीफ़ फसल लगाने के तैयारी में जुट गए हैं , जहां विद्युत पोल खड़े करते समय पैसा बचाने के चक्कर में ठेकेदार पर्याप्त मात्रा में मटेरियल का उपयोग न कर टेम्प्रेरी काम चलाऊ आधा अधुरा काम कर अधिकारियों से सांठगांठ कर पूरा पेमेंट निकाल लेते है , जिसका खामियाजा भूमि स्वामी किसानों को भुगतान पड़ता है , जिसके चलते दो चार महीने बाद विद्युत खम्भे तार बिजली विभाग की भ्रष्टाचार की राज खोलते धराशाई हो जाता है , जिससे अज्ञानता वश गौवंश गाय बैल तथा किसान हर साल भारी तादाद में मौत के मुंह में समा जाते हैं , जिनको न तो किसी प्रकार का क्षतिपूर्ति मिलता है न सहानुभूति करें कोई भरें कोई?
इसी प्रकार का एक मामला वितरण केन्द्र मालखरौदा के अन्तर्गत पोता सबस्टेशन से मुक्ता फीडर जागेश्वर फ्लाई ऐश बड़ेपरनमुड़ा के दो खम्भे के आगे 11Kv बिजली के खम्भे में लटके तरंगित तार जमीन से बमुश्किल 3 – 4 फीट ऊपर साक्षात काल बन कर मौत का इंतजार करता लटका हुआ है, जिसकी शिकायत संबंधित किसान द्वारा दिनांक 10जून 2025को लिखित कनिष्ठ यंत्री छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी को किये जाने के बाद भी मेहनतकश वर्षों से जमें जिम्मेदार प्रभारी अधिकारी किसी की मौत का इंतजार में कुण्डली मार कर बैठे हुए हैं , जबकि तरंगित तार जमीन के करीब होने से किसी भी अनहोनी को देखते हुए स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा श्रीमान् कनिष्ठ यंत्री मालखरौदा को सुस्पष्ट शब्दों में बताएं जाने के बाद भी सुधार नहीं करवाने से जनधन की क्षतिपूर्ति के लिए बिजली विभाग की जिम्मेदारी होगी
ग्राम मुक्ता तो महज एक उदाहरण है ऐसे दर्जनों बिजली खम्भे तरंगित तार हरगांव में देखें था सकते हैं जिससे हर साल असमय लोग मौत के मुंह में समा जाते हैं| कुछ का पुलिस थाना में मर्ग कायम हो पाता है, कुछेक दुर्घटनाओं की रिपोर्ट पुलिस और बिजली विभाग के पचड़े में फंसे के डर से नहीं हो पाता इस संवेदनशील विषय में क्षेत्र के माननीय जनप्रतिनिधियों को दलगत राजनीति से ऊपर उठकर जनहित के मुद्दे पर कारगर कदम उठाए जाने की आवश्यकता है, समय चूक पुनि क्या पछताने?
