मानसून आते ही झड़ने शुरू हो गए हैं बाल, तो गुड़हल के फूल से बनाएं खास तेल

मानसून आते ही झड़ने शुरू हो गए हैं बाल, तो गुड़हल के फूल से बनाएं खास तेल

नई दिल्ली :  मानसून सीजन आते ही बालों से जुड़ी परेशानियां शुरू हो जाती है। हवा में नमी बढ़ने की वजह से बाल कमजोर होकर टूटने लगते हैं और काफी फ्रिजी भी दिखाई देते हैं। लेकिन अब घबराइए मत। गुड़हल के फूलों से आप बालों से जुड़ी कई दिक्कतों को दूर कर सकते हैं।

इसमें मौजूद गुण बालों को घना, मजबूत और चमकदार बनाते हैं। इसलिए बारिश के मौसम में गुड़हल के फूलों से बना तेल लगाना काफी फायदेमंद हो सकता है। आज हम आपको गुड़हल के फूल से एक खास तेल बनाने की विधि बताएंगे, जो मानसून में बालों की देखभाल के लिए बेहद फायदेमंद साबित होगा।

गुड़हल के फूल के फायदे
गुड़हल के फूल में विटामिन-सी, एमिनो एसिड और एंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो बालों की जड़ों को पोषण देते हैं। इसके अलावा, यह स्कैल्प में ब्लड सर्कुलेशन को बढ़ाता है, जिससे बालों का विकास तेजी से होता है।

बालों का झड़ना कम करता है- इसमें मौजूद पोषक तत्व बालों के रोम छिद्रों को मजबूत बनाते हैं।

डैंड्रफ दूर करता है- गुड़हल में एंटी-फंगल गुण होते हैं, जो स्कैल्प की खुजली और रूसी को दूर करते हैं।

बालों को घना और लंबा बनाता है- यह बालों के विकास को प्रोत्साहित करता है।
प्रीमेच्योर ग्रेइंग रोकता है- गुड़हल बालों को काला और चमकदार बनाए रखने में मदद करता है।

गुड़हल का तेल बनाने की विधि

सामग्री-

  1. 10-12 ताजे गुड़हल के फूल
  2. 1/2 कप नारियल तेल या तिल का तेल
  3. 5-6 करी पत्ते

1 चम्मच मेथी दाना

बनाने का तरीका-

  1. सबसे पहले गुड़हल के फूलों की पंखुड़ियों को अच्छी तरह धोकर सुखा लें।
  2. एक पैन में नारियल तेल या तिल का तेल गर्म करें।
  3. अब इसमें गुड़हल की पंखुड़ियां डालें और धीमी आंच पर 5-7 मिनट तक पकाएं।
  4. यदि आप चाहें, तो इसमें करी पत्ते और मेथी दाना भी मिला सकते हैं, जो बालों के विकास में मददगार होते हैं।
  5. तेल को ठंडा होने दें और फिर छानकर किसी शीशी में भर लें।

इस्तेमाल करने का तरीका-

  1. इस तेल को हफ्ते में 2-3 बार स्कैल्प पर लगाएं और हल्के हाथों से मसाज करें।
  2. 30 मिनट से 1 घंटे तक लगा रहने दें और फिर माइल्ड शैम्पू से धो लें।
  3. नियमित इस्तेमाल से बालों का झड़ना कम होगा और बाल मजबूत व घने होंगे।

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