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छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: सौम्या चौरसिया और अनिल टुटेजा की व्हाट्सऐप चैट आई सामने… - Somanshu News

छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: सौम्या चौरसिया और अनिल टुटेजा की व्हाट्सऐप चैट आई सामने…

छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: सौम्या चौरसिया और अनिल टुटेजा की व्हाट्सऐप चैट आई सामने…

रायपुर : छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले से जुड़ा एक और बड़ा खुलासा सामने आया है। मामले में सौम्या चौरसिया और पूर्व आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा के बीच हुए व्हाट्सऐप चैट अब जांच एजेंसी के हाथ लगे हैं। इन चैट्स के सामने आने के बाद जांच को नई दिशा मिलने की बात कही जा रही है। जांच में सामने आए व्हाट्सऐप संदेशों के अनुसार, सौम्या चौरसिया ने लक्ष्मीनारायण बंसल उर्फ पप्पू बंसल को लेकर अनिल टुटेजा से शिकायत की थी। इन बातचीतों को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शराब घोटाला मामले में अहम सबूत के तौर पर पेश किया है।

ईडी ने बताया कि ये व्हाट्सऐप चैट्स पहले ही पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल के खिलाफ कोर्ट में पेश किए गए चालान का हिस्सा हैं। जांच एजेंसी का दावा है कि इन चैट्स से घोटाले से जुड़े किरदारों, आपसी संपर्क और लेन-देन की कड़ियों को समझने में मदद मिली है। सूत्रों के मुताबिक, ईडी अब इन डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर शराब घोटाले में शामिल अन्य व्यक्तियों की भूमिका की भी गहन जांच कर रही है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी अहम खुलासे हो सकते हैं।

सौम्या चौरसिया और अनिल टुटेजा की व्हाट्सऐप चैट

दो दिन की ईडी कस्टडी में सौम्या चौरसिया

गौरतलब है कि आज विशेष अदालत ने सौम्या चौरसिया को दो दिन की कस्टोडियल रिमांड पर ईडी को सौंपा है। एजेंसी ने अदालत को बताया था कि शराब घोटाले की जांच में आर्थिक लेन-देन, हवाला नेटवर्क और डिजिटल साक्ष्य सामने आए हैं, जिनकी गहन पड़ताल के लिए कस्टोडियल पूछताछ जरूरी है। रिमांड अवधि समाप्त होने के बाद शुक्रवार को दोपहर 3:30 बजे सौम्या चौरसिया को फिर से ईडी की विशेष अदालत में पेश किया जाएगा।

3200 करोड़ रुपये के शराब घोटाले से जुड़ा है मामला

ईडी के अनुसार, यह मामला करीब 3200 करोड़ रुपये के शराब घोटाले से जुड़ा है। आरोप है कि वर्ष 2019 से 2023 के बीच तत्कालीन कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में राज्य की शराब नीति में बदलाव कर चहेती कंपनियों को लाभ पहुंचाया गया। लाइसेंस की शर्तें इस तरह तय की गईं कि चुनिंदा कंपनियों को ही काम मिल सके।

नकली होलोग्राम और टैक्स चोरी का खेल

जांच में सामने आया है कि इन कंपनियों ने नोएडा की एक फर्म के जरिए नकली होलोग्राम और सील तैयार करवाई। इन्हीं नकली होलोग्राम लगी महंगी शराब की बोतलों को सरकारी दुकानों के माध्यम से बेचा गया। चूंकि होलोग्राम फर्जी थे, इसलिए बिक्री की पूरी जानकारी शासन के सिस्टम में दर्ज नहीं हो सकी और बिना एक्साइज टैक्स दिए शराब की बिक्री होती रही। इससे राज्य सरकार को करीब 2165 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ।

115 करोड़ रुपये सौम्या तक पहुंचने का दावा

ईडी के रिमांड आवेदन में दावा किया गया है कि शराब घोटाले से जुड़े करीब 115 करोड़ रुपये दो अलग-अलग हिस्सों में लक्ष्मीनारायण बंसल के माध्यम से सौम्या चौरसिया तक पहुंचे। इसके अलावा, आरोपी तांत्रिक केके श्रीवास्तव से पूछताछ में यह भी सामने आया है कि घोटाले की करीब 72 करोड़ रुपये की राशि हवाला के जरिए इधर-उधर की गई।

कोयला घोटाले की डायरी फिर बनी जांच का आधार

ईडी ने अदालत को बताया कि कोयला घोटाले की जांच के दौरान मिली एक ही डायरी को शराब घोटाले की जांच में भी साक्ष्य के तौर पर पेश किया गया है। इसी डायरी में पहले कोयला घोटाले से जुड़े लेन-देन का उल्लेख था और अब उसमें शराब घोटाले से जुड़े करीब 43 करोड़ रुपये का भी जिक्र सामने आया है। इस डायरी में अनवर ढेबर और पूर्व आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा के नामों का भी उल्लेख बताया गया है।

सौम्य चौरसिया के वकील ने उठाए सवाल

ईडी का दावा है कि करीब 70 करोड़ रुपये नकद हवाला के जरिए सौम्या चौरसिया के कहने पर इधर-उधर किए गए। हालांकि, बचाव पक्ष के वकील हर्षवर्धन परघनिया ने अदालत में दलील दी कि कथित तौर पर कैश हवाला करने वाला व्यक्ति अब तक गिरफ्तार नहीं किया गया है। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि एजेंसी एक ही डायरी के आधार पर अलग-अलग मामलों को जोड़कर पेश कर रही है, जिससे जांच की निष्पक्षता पर सवाल खड़े होते हैं।

पहले भी जेल जा चुकी हैं सौम्या चौरसिया

गौरतलब है कि सौम्या चौरसिया कोयला घोटाला मामले में भी प्रमुख आरोपियों में शामिल रही हैं। इससे पहले मई महीने में सुप्रीम कोर्ट की शर्तों पर सौम्या चौरसिया समेत छह आरोपियों को जमानत पर रिहा किया गया था। उस दौरान अदालत ने उन्हें राज्य से बाहर रहने के निर्देश भी दिए थे।

अब तक कई बड़े नाम गिरफ्तार

शराब घोटाला मामले में अब तक पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल, पूर्व आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा और एजाज ढेबर के भाई अनवर ढेबर समेत कई बड़े नामों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इसके अलावा आबकारी विभाग के 28 अधिकारियों को भी आरोपी बनाया गया था, जिन्हें सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल चुकी है।


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