WordPress database error: [Out of range value for column 'id' at row 1]
INSERT INTO `GUVAl_visitors_stat` (`time`, `ip`) VALUES ('1779861499', '37.59.204.145')

रायपुर में सेहत से खिलवाड़, एक साल में 15,090 किलो नकली पनीर जब्त - Somanshu News

रायपुर में सेहत से खिलवाड़, एक साल में 15,090 किलो नकली पनीर जब्त

रायपुर में सेहत से खिलवाड़, एक साल में 15,090 किलो नकली पनीर जब्त

रायपुर : राजधानी में नकली पनीर का धंधा लगातार फल-फूल रहा है। खाद्य विभाग की टीम ने पिछले एक साल में अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर 15,090 किलोग्राम से अधिक नकली पनीर जब्त किया, लेकिन कार्रवाई के नाम पर सिर्फ औपचारिकताएं निभाई गईं।

छोटे-से जुर्माने के बाद फैक्ट्रियों को फिर से संचालन की अनुमति मिल जाती है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जब्त किए गए पनीर में दूध की एक बूंद भी शामिल नहीं थी।

सिर्फ जुर्माना… फिर फैक्ट्री शुरूखाद्य सुरक्षा अधिनियम की धारा 59 के तहत यह गंभीर अपराध है, लेकिन अधिकतर मामलों में सिर्फ कम राशि का जुर्माना लगाया जाता है। लंबे समय से यही सिलसिला जारी है छापा, जब्ती, कोर्ट में प्रकरण और कुछ दिनों बाद फैक्ट्री दोबारा शुरू।

कई स्थानों से हजारों किलो पनीर जब्तखाद्य विभाग ने पिछले एक वर्ष में निम्न स्थानों से बड़ी मात्रा में नकली पनीर जब्त किया-

तिथि स्थान जब्त मात्रा27 नवंबर 2025 – कबीर नगर 755 किलोग्राम से अधिक

23 अगस्त 2025 – भाठागांव, शंकर नगर, बीरगांव 8,000 किलोग्राम से अधिक

31 अगस्त 2025 – भाठागांव फैक्ट्री लगभग 700 किलोग्राम

30 जुलाई 2025 – भाठागांव फैक्ट्री और रेलवे स्टेशन 1,535 किलोग्राम

29 दिसंबर 2024 – बीरगांव फैक्ट्री 2,500 किलोग्राम

19 अप्रैल 2024 – गोकुलनगर, रायपुर 1,000 किलोग्राम

इन सभी कार्यवाहियों में कुल 15,090 किलो से अधिक नकली पनीर बाजार में खपने से बचा।

दूध नहीं, रसायन से बनता ‘सफेद पदार्थ’छापेमारी के दौरान फैक्ट्रियों से केमिकल टैंक, मिलिंग मशीनें, डालडा, हाइड्रोक्लोरिक एसिड, स्कीम्ड मिल्क पाउडर बरामद हुए। जांच में पता चला कि इन्हीं मिश्रणों से यह नकली पनीर बनाया जाता है।

फैक्ट्री संचालकों ने भी स्वीकार किया कि दूध का बिल्कुल उपयोग नहीं होता, सारी तैयारी केमिकल और घटिया तेल के सहारे होती है। यह स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक है और फूड पॉयजनिंग, लिवर व स्किन संबंधी गंभीर बीमारियां पैदा कर सकता है।

ADM कोर्ट में औपचारिक कार्रवाईछापे के बाद फैक्ट्री सीज होती है, सैंपल जांच के लिए भेजे जाते हैं और लगभग एक महीने बाद रिपोर्ट कोर्ट भेज दी जाती है। यहां भी खाद्य धोखाधड़ी की बजाय सिर्फ परिसर में गंदगी पाए जाने का प्रकरण बनाया जाता है।

परिणाम, छोटा जुर्माना और कुछ दिनों बाद फैक्ट्री फिर शुरू। टन भर नकली पनीर पकड़ा जाता है, लेकिन किसी पर भी कड़ी कार्रवाई नहीं होती।

कैसे पहचानें नकली पनीर?

  1. असली पनीर सफेद/क्रीमी, नकली पनीर पीला और चमकीला।
  2. असली पनीर दानेदार और मुलायम, नकली पनीर रबर जैसा चिकना।
  3. असली में ताजगी की खुशबू, नकली में रासायनिक गंध।
  4. पानी में डालने पर असली पनीर नहीं घुलता, नकली जल्दी गल जाता है।
  5. उबाले पनीर पर आयोडीन टिंचर डालने से यदि रंग नीला हो जाए, तो वह नकली है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *