16 वर्ष से कम उम्र की नाबालिक के साथ दुष्कर्म करने वाले आरोपी एवं सहयोग करने वाले आरोपी के दीदी – जीजा को 25 – 25 वर्ष की सश्रम कारावास एवं अर्थदंड की सजा

16 वर्ष से कम उम्र की नाबालिक के साथ दुष्कर्म करने वाले आरोपी एवं सहयोग करने वाले आरोपी के दीदी – जीजा को 25 – 25 वर्ष की सश्रम कारावास एवं अर्थदंड की सजा

 

फास्ट ट्रैक कोर्ट के विशेष न्यायाधीश प्रशांत कुमार शिवहरे का निर्णय

सक्ती :  फास्ट ट्रैक कोर्ट शक्ति के विशेष न्यायाधीश प्रशांत कुमार शिवहरे ने नाबालिक बालिका के साथ दुष्कर्म के मामले में अभियुक्तगणो के विरुद्ध आरोपित अपराध दोष सिद्ध पाए जाने पर सभी तीनों अभियुक्त आरोपी चंद्र कुमार लहरे एवं उसके जीजा तुलसी खांडे एवं उसकी दीदी गिरजा बाई खांडे को 25 – 25 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा एवं अर्थदंड से दंडित करने का निर्णय पारित किया है। विशेष लोक अभियोजक राकेश महंत ने बताया कि नाबालिक अभियोक्त्री घटना दिनांक 7/6/ 2023 को दिन के 11:00 नाबालिक बालिका घर में बिना किसी को बताएं घर से पैदल शक्ति रेलवे स्टेशन आ गई ।उसके पिता काम से दूसरे गांव गया हुआ जब वह 12:30 बजे घर आया तो उसकी पुत्री घर में नहीं थी, तो उसने अपने पत्नी बच्चे और मां से पूछा कि उसकी बेटी नाबालिक बालिका कहां है तब उसके घर वालों ने बताया कि वह घर में बिना बताए 11:00 बजे कहीं चली गई है और अब तक वापस नहीं आयी है। तब वे शाम तक नाबालिक बालिका के आने के इंतजार करते रहे आसपास पता तलाश किये किंतु नहीं मिला । तब नाबालिक बालिका के पिता ने थाना जाकर उसकी पुत्री की गुम होने की रिपोर्ट दर्ज कराया । जिस पर थाना नगरदा द्वारा अज्ञात आरोपी के विरुद्ध अपराध क्रमांक 52 / 2023 धारा 363 भारतीय दंड संहिता के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना किया जा रहा था ।

विवेचना के दौरान नाबालिक बालिका को बरामद किया गया । नाबालिक बालिका ने बताया कि वह पिछले वर्ष कक्षा 9वी जांजगीर में पढी है तथा कक्षा दसवीं को भी उसके पिता उसे जांजगीर में पढ़ाना चाहता है । किंतु वह नगरदा में पढ़ना चाहती है। इसी बात से गुस्सा होकर वह बिना घर में कुछ बताएं दिन के 11:30 घर से पैदल शक्ति रेलवे स्टेशन चली गई ।जब वह शक्ति के रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 1 में थी तब आरोपी चंद्र कुमार लहरे व उसके दो साथी उसके पास आए। चंद्र कुमार लहरे के दो साथी ने शाम को 5:30 बजे उससे पूछा कि सभी ट्रेन चली गई है तुम कहां जाओगी ? तब वह कहीं नहीं जाऊंगी बोलकर दूसरे प्लेटफार्म में चली गई ।उसके बाद आरोपी चंद्र कुमार लहरे आया और उससे पूछा कि तुम्हारा नाम क्या है ? तुम कहां की रहने वाली हो ? यहां क्यों आई हो ? बोलकर पूछताछ किया और बोला कि चलो मेरे साथ, तब वह उसके साथ जाने से मना कर दी ।

तब आरोपी चंद्र कुमार लहरे नाबालिक बालिका के हाथ को खींचते हुए बोला कि तुम चिल्लाओगी तो चाकू से तुम्हें मार दूंगा और आरोपी उसे रेलवे स्टेशन से ट्रेन में बैठा कर खरसिया ले गया जब वे लोग खरसिया रेलवे स्टेशन में ट्रेन से उतरे तो आरोपी चंद्र कुमार लहरें अपने जीजा तुलसी को मोबाइल से फोन किया तब उसके जीजा तुलसी मोटरसाइकिल लेकर आया और उन दोनों को अपने मोटरसाइकिल में बिठाकर अपने घर महका ले गया । जहां आरोपी चंद्र कुमार लहरे की दीदी आरोपियां गिरजा बाई खांडे उपस्थित थी । आरोपी चंद्र कुमार एवं तुलसी हाथ पैर धोकर खाना खाने के लिए बैठ गए और वह स्वयं आरोपी चंद्र कुमार के भांजी के कमरे में बैठी थी तब आरोपी के दीदी – जीजा बोले की तुम चंद्र कुमार लहरे के कमरे में सोना । उसके बाद आरोपी चंद्र कुमार लहरे ने आकर उसके हाथ को पकड़ते हुए जबरदस्ती उसे अपने कमरे में ले गया और कमरे के दरवाजा को बंद कर दिया फिर उसके कपड़े को उतार कर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाया । आरोपी चंद्र कुमार ने उसे बोला कि तुम चिल्लाओगी और घटना के बारे में किसी को बताओगी तो चाकू से मार दूंगा । वह आरोपी चंद्र कुमार को अपने घर में कॉल करने के लिए बोल रही थी लेकिन वह काॅल नहीं करता था । उसे आरोपी चंद्र कुमार लहरे ने अपने दीदी एवं जीजा के नजरबंदी में दिनांक 17. 6 .2023 से 3.7.2023 तक रखा हुआ था । आरोपी चंद्र कुमार शराब पीकर आता था तथा उसके साथ मारपीट करता था। नाबालिक बालिका ने यह भी बताया कि आरोपी चंद्र कुमार उसे ग्राम हाटी ले गया था जहां रूम किराए में लेकर अपने साथ उसे रखा हुआ था और रोज रात में शराब पीकर आता था और उसके साथ शारीरिक संबंध बनाता था तथा मना करने पर वह उसके साथ मारपीट करता था आरोपी चंद्र कुमार लहरे उसके साथ खरसिया के मंदिर में जबरदस्ती उसके साथ शादी किया जहां आरोपी के दीदी एवं जीजा उपस्थित थे जो आरोपी चंद्र कुमार से जबरदस्ती शादी करने के लिए उसे बोले थे आरोपी चंद्र कुमार उसके मांग में सिंदूर भरा और गले में मंगलसूत्र पहनाया और उसके बाद दिनांक 3.7.2023 को मोटरसाइकिल में बैठाकर ग्राम महका से हाटी ले गया और वहां रूम किराए में लेकर दिनांक 28.7.2023 तक अपने साथ रखा हुआ था। आरोपी चंद्र कुमार बहुत शराब पिया हुआ था और मोबाइल को छोड़कर रूम से चला गया था तब वह मोबाइल से अपने घर में दादी को फोन की और बताई कि आरोपी चंद्र कुमार उसे जबर्दस्ती अपने साथ रखा हुआ है एवं उसे फोन करने नहीं देता और उसके साथ मारपीट कर जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाता है ,उसी समय आरोपी चंद्र कुमार लहरे आया और उसकी दादी से बात किया उसकी दादी ने उसके पापा को बताया तो उसके पापा आरोपी चंद्र कुमार लहरे को ठगकर बुलाया कि तुम दोनों घर आ जाओ और आओगे तो तुम्हारी शादी कर देंगे। उसके बाद आरोपी चंद्र कुमार मोटरसाइकिल में बिठाकर इसकी दीदी जीजा के घर खरसिया महका लाए और चंद्र कुमार ने उक्त बातें को अपने जीजा तुलसी को बताया तो तुलसी अपने माॅ को मोटरसाइकिल में लेकर एवं आरोपी चंद्र कुमार एक मोटरसाइकिल में नाबालिक बालिका को बिठाकर नाबालिक बालिका के घर जाने के लिए निकल गए जहां नाबालिक बालिका के घर के पहले गांव में नाबालिक बालिका को उतारकर अपने जीजा के मोटरसाइकिल में बिठाकर खुद वहां से आरोपी चंद्र कुमार भाग गया तथा आरोपी चंद्र कुमार के जीजा तुलसी नाबालिक बालिका और अपने माॅ को मोटरसाइकिल में लेकर नाबालिक बालिका के घर गया। जहां बाथरूम में जाकर मोबाइल से चंद्र कुमार लहरे को फोन किया कि वह नाबालिक बालिका के घर न आए घर वापस चला जाए। अपने परिवार से मुलाकात होने पर नाबालिक बालिका ने उक्त सभी बातों को बताई है ।

विवेचना के दौरान पुलिस ने आरोपी चंद्र कुमार लहरे एवं उसके जीजा आरोपी तुलसी खांडे एवं आरोपी के दीदी आरोपियां गिरजा बाई खांडे को गिरफ्तार कर विशेष न्यायालय शक्ति में पेश किया जहां से आरोपीगण को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा गया एवं संपूर्ण विवेचना उपरांत धारा 363, 366, 376(2 ढ ) 376 (घ क ), 109 ,114 भारतीय दंड संहिता एवं लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम की धारा 6, 17 के अंतर्गत अभियोग पत्र विशेष न्यायालय एफ टी एस सी कोर्ट शक्ति में दाखिल किया गया । विशेष न्यायालय शक्ति ने उभय पक्षों को पर्याप्त समय अपने पक्ष रखने के लिए देने के पश्चात तथा अभियोजन एवं अभियुक्त पक्ष के अंतिम तर्क श्रवण करने तथा संपूर्ण विचारण पूर्ण होने के पश्चात विशेष न्यायालय द्वारा निर्णय पारित किया गया। अभियोजन द्वारा अभियुक्तगण के विरुद्ध आरोपित अपराध को संदेह से परे प्रमाणित कर दिए जाने से सभी अभियुक्तगणो को विशेष न्यायाधीश प्रशांत कुमार शिवहरे द्वारा सिद्ध दोष पाए जाने पर दोष सिद्ध घोषित किया गया । अभियुक्त चंद्र कुमार लहरे पिता पंचराम लहरे उम्र 30 वर्ष ग्राम असौंदा थाना शक्ति जिला शक्ति छत्तीसगढ़ को धारा 363 भारतीय दंड संहिता की अपराध के लिए 7 वर्ष अपराध धारा 366 भारतीय दंड संहिता के अपराध के लिए 10 वर्ष धारा 376 (3) भारतीय दंड संहिता के अपराध के लिए 25 वर्ष एवं धारा 6 पोक्सो एक्ट के अपराध के लिए 25 वर्ष का सश्रम कारावास एवं क्रमशः ₹1000, ₹2000, ₹50000 एवं ₹50000 की अर्थ दंड की सजा तथा आरोपी तुलसी खांडे पिता कमल साय खांडे उम्र 37 वर्ष निवासी ग्राम महका थाना खरसिया जिला रायगढ़ छत्तीसगढ़ को धारा 363, 34 भारतीय दंड संहिता के अपराध के लिए 7 वर्ष धारा 366, 34 भारतीय दंड संहिता के अपराध के लिए 10 वर्ष एवं धारा 6 सहपठित धारा 17 लैंगिक अपराधों से बालकों के संरक्षण अधिनियम के तहत अपराध के लिए 25 वर्ष का सश्रम कारावास एवं क्रमशः ₹1000 ₹2000 एवं ₹50000 की अर्थदंड की सजा तथा आरोपीया गिरजा बाई खांडे पति तुलसी खांडे उम्र 33 वर्ष निवासी ग्राम महका थाना खरसिया जिला रायगढ़ छत्तीसगढ़ को धारा 6 सहपठित धारा 17 लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम के अपराध के लिए 25 वर्ष का सश्रम कारावास एवं ₹50000 की अर्थ दंड की सजा दी गई है । आरोपीणग को दी गई सभी सजाए साथ-साथ चलेंगे ।अभियोजन की ओर से पैरवी विशेष लोक अभियोजक राकेश महंत ने किया ।


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