रामलीला में राम जन्म की सुंदर लीला देख कोटेतरा के दर्शक हुए मंत्रमुग्ध
जैजैपुर : विधानसभा जैजैपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत कोटेतरा के सरपँच श्रीमती सुनीता रमेश साहू एवं ग्रामवासियों के तत्वावधान में रामलीला गुड़ी चौक में आयोजित रामलीला मंचन के प्रथम दिन मुख्य अतिथि सरपँच श्रीमती सुनीता रमेश साहू ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर भगवान गणेश की आरती कर लीला का शुभारंभ किया गया।जय माँ भवानी श्री रामायण प्रचारक मंडल प्रयागराज इलाहाबाद मिर्चापुर उत्तर प्रदेश श्री रामलीला महोत्सव अध्यक्ष सुनील कुमार एवं महंत अनुज कुमार तिवारी का स्वागत किया गया।प्रथम दृश्य में रावण और अन्य राक्षसों के अत्याचार से कराह रही पृथ्वी को अत्याचार मुक्त करने के हेतु देवतागण भगवान विष्णु से अवतार लेने की प्रार्थना करते हैं।

राजा दशरथ के संतान न होने के कारण अपने कुलगुरु वशिष्ठ के पास जाना, वशिष्ठ के कहने पर श्रृंगी ऋषि द्वारा शुभ पुत्र कामेष्ठि यज्ञ करवाना। यज्ञ कुंड से अग्नि देवता का प्रकट होकर खीर प्रदान करना। राजा दशरथ द्वारा तीनों रानियों कौशल्या, कैकई और सुमित्रा को खीर प्रदान करना और खीर खाकर तीनों रानियों का गर्भवती होने की लीला हुई। इस बीच मंच पर पाश्र्व संगीत भए प्रकट कृपाला, दीनदयाला, कौसल्या हितकारी गूंजने लगता है। वहीं माता कौशल्या कहती हैं, हे तात आप यह विराट रूप त्याग कर अत्यंत प्रिय बाल लीला कीजिए। विष्णु अंर्तध्यान होते हैं, बच्चों के रोने की आवाजें सुनाई देती हैं, खुशी का संगीत उभरता है। अगले दृश्य में रामजन्म के समाचार से राजा दशरथ सहित संपूर्ण अयोध्या में खुशी छा जाती है।

भगवान राम के साथ तीनों भाइयों के जन्म लेते ही राजा दशरथ और रानी कौशल्या बड़े ही उत्साहित थे। अवध में चारों ओर बधाई गान गाए गए। कौशल्या जायो लल्ला, अवध में मचो हल्ला, अवध में जन्मे रघुराई, कौशल्या रानी दे दो बधाई। बाल स्वरूप भगवान राम से मिलने भगवान शंकर योगी का भेष बनाकर आते हैं और इसके बाद चारों भाइयों का नामकरण गुरू वशिष्ठ द्वारा किया जाता है। तत्पश्चात भगवान राम,लक्ष्मण,भरत, शत्रुघन गुरु वशिष्ठ के आश्रम में शिक्षा दीक्षा के प्रस्थान करते हैं। भगवान राम की बाल लीला का मंचन देख दर्शक मंत्र मुग्ध हो जाते हैं।
