बचपन में हुए थे पोलियो का शिकार, अब कॉमनवेल्थ में जीता गोल्ड; ऐसी है इस पैरा पावरलिफ्टर की कहानी

बचपन में हुए थे पोलियो का शिकार, अब कॉमनवेल्थ में जीता गोल्ड; ऐसी है इस पैरा पावरलिफ्टर की कहानी

5 AUGUST 2022  : बर्मिंघम में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2022  में गुरुवार को पैरा-पावरलिफ्टिंग  में भारत को गोल्ड मेडल हासिल हुआ. यह मेडल 27 वर्षीय सुधीर ने पुरुषों के हेवीवेट कैटेगरी में दिलाया. उन्होंने 212 किलो वजन उठाकर रिकॉर्ड 134.5 अंक के साथ गोल्ड जीता. यह कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में पैरा पावरलिफ्टिंग स्पर्धा में भारत का पहला गोल्ड मेडल रहा.

कॉमनवेल्थ गेम्स में यह इतिहास रचने वाले सुधीर बचपन में ही पोलियो का शिकार हो गए थे. महज 5 वर्ष की उम्र में पोलियो ने उन्हें दिव्यांग बना दिया. कुछ साल तो ऐसे ही बीत गए लेकिन बाद में उन्होंने खुद को फिट रखने के लिए पावरलिफ्टिंग शुरू की. इस खेल ने उन्हें हौंसला दिया औ और धीरे-धीरे यह खेल उनके लिए नया जीवन बन गया.

लगातार सात साल से हैं नेशनल चैंपियन
18 साल की उम्र में सुधीर ने पावरलिफ्टिंग शुरू की थी. और महज तीन साल की मेहनत में वह इस स्पर्धा में नेशनल चैंपियन बन गए. साल 2016 में उन्होंने नेशनल लेवल पर गोल्ड जीता. इसके बाद सुधीर ने पीछे मुड़कर कभी नहीं देखा. वह एक के बाद एक बड़े टूर्नामेंट्स में अपना नाम दर्ज कराते रहे. सुधीर पिछले लगातार सात साल से नेशनल्स में पावरलिफ्टिंग में स्वर्ण जीतते आ रहे हैं.

‘स्ट्रॉन्ग मैन ऑफ इंडिया’ का खिताब भी जीत चुके हैं
हरियाणा के सोनीपत में एक किसान परिवार में जन्मे सुधीर कॉमनवेल्थ गेम्स से पहले भी इंटरनेशनल लेवल पर मेडल ला चुके हैं. 2019 में हुए एशियाई पैरा गेम्स में वह ब्रॉन्ज मेडल जीते थे. इसके बाद वर्ष 2021 में दक्षिण कोरिया में एशिया-ओसियाना ओपन पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप में भी उन्होंने कांस्य पदक जीता था. सुधीर दो बार ‘स्ट्रॉन्ग मैन ऑफ इंडिया’ का खिताब भी अपने नाम कर चुके हैं.

 


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