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सागौन-सखुआ भूल जाइये खेत की मेड़ पर लगा दें ये, 1 एकड़ से 18 लाख की कमाई, रुक गए कुछ साल तो सीधे करोड़पति! - Somanshu News

सागौन-सखुआ भूल जाइये खेत की मेड़ पर लगा दें ये, 1 एकड़ से 18 लाख की कमाई, रुक गए कुछ साल तो सीधे करोड़पति!

सागौन-सखुआ भूल जाइये खेत की मेड़ पर लगा दें ये, 1 एकड़ से 18 लाख की कमाई, रुक गए कुछ साल तो सीधे करोड़पति!

आधुनिक कृषि में इमारती लकड़ी वाले पौधों की बागवानी का चलन खूब चल रहा है. ये एक ऐसी कृषि है जिसमें निवेश कर आप 15 वर्षों के बाद करोड़ों की संपत्ति बना सकते हैं. शीशम, सागौन, सखुआ और महोगनी जैसे पेड़ अब सामान्य हो चुके हैं. ऐसे में आज हम आपको एक ऐसे पेड़ की जानकारी दे रहे हैं, जिसकी लकड़ी ही नहीं, पत्तियों और छाल को भी बेचकर लाखों रुपए की आमदनी की जा सकती है .

करीब 25 वर्षों के अनुभव के साथ कृषि सलाहकार रविकांत पांडे बताते हैं कि, नीलगिरी जिसे सफेदा के नाम से भी जाना जाता है, की लकड़ियों की डिमांड सबसे अधिक प्लाईवुड इंडस्ट्री में होती है. किसान इसे खेत की मेड़ पर लगा सकते हैं और इसके साथ-साथ अन्य मौसमी फसलों को उगाकर भी कमाई कर सकते हैं.

इस पेड़ को लगाने में बहुत कम खर्च आता है और इसे ज्यादा देखरेख की जरूरत भी नहीं होती है. इतना ही नहीं, इसमें खाद और सिंचाई की खास जरूरत भी नहीं पड़ती है. मजे की बात यह है कि चार से पांच साल में यह पेड़ कटाई के लिए तैयार हो जाता है और एक पेड़ से हजारों रुपये का मुनाफा हो सकता है.

बकौल रविकांत, एक एकड़ में नीलगिरी के 1200 पौधे लगाए जा सकते हैं. महज 5 वर्षों में ये पेड़ बेचने लायक हो जाते हैं. इनकी बागवानी में अगर थोड़ा बहुत ध्यान दे दिया जाए तो पांच वर्षों में ही एक पेड़ 1500 रुपए तक की कीमत पर बिक सकता है. ऐसे में सिर्फ एक एकड़ से आप पांच वर्षों में 18 लाख रुपए तक की कमाई कर सकते हैं.

अब आप खुद ही समझ लीजिए कि अगर किसान 5 साल तक इंतजार कर लें, तो नीलगिरी की बागवानी से उन्हें लाखों की आमदनी हो सकती है. इतना ही नहीं, इस बागवानी में बार-बार पैसे लगाने की जरूरत भी नहीं पड़ती, क्योंकि रोपाई के बाद जड़ों से नए पौधे अपने आप उग आते हैं.

बता दें कि पश्चिम चम्पारण जिले के सैकड़ों किसान सफेदा की खेती करते हैं. उनमें से परशुराम एक हैं. उनका कहना है कि यह एक मेडिसिनल पेड़ है, जिसकी पत्तियां और छाल कई प्रकार की दवाईयों को बनाने में काम आती हैं. ऐसे में अगर आप उनका प्रबंधन अच्छी तरह से करते हैं, तो कमाई का दायर बढ़ सकता है.


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