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गेहूं-बाजरे को छोड़ किसान कमा रहे लाखों, अश्वगंधा की खेती बनी सोने की खान - Somanshu News

गेहूं-बाजरे को छोड़ किसान कमा रहे लाखों, अश्वगंधा की खेती बनी सोने की खान

गेहूं-बाजरे को छोड़ किसान कमा रहे लाखों, अश्वगंधा की खेती बनी सोने की खान

खेती-बाड़ी में समय के साथ बदलाव आ रहा है. अब किसान पारंपरिक गेहूं, बाजरा, सरसों जैसी फसलों के अलावा नई और लाभदायक फसलों की ओर रुख कर रहे हैं. अगर किस पारंपरिक खेती को छोड़कर कुछ अलग करना चाहते हैं तो वे अश्वगंधा जैसे औषधीय पौधों की खेती कर सकते हैं. यह पौधा कम लागत और कम सिंचाई में आसानी से उग जाता है.

इसके औषधीय उपयोगों के कारण बाजार में इसकी सालभर भारी मांग रहती है. यही वजह है कि आजकल अधिकतर किसान इसे एक सुरक्षित और लाभदायक बिजनेस मॉडल मान रहे हैं. आयुर्वेद विशेषज्ञों के अनुसार, अश्वगंधा शरीर को घोड़े जैसी ताकत देने वाला पौधा है. इसके जड़, पत्ते और बीज का उपयोग हजारों वर्षों से औषधियों में होता आया है. जड़ों और पत्तों का चूर्ण पानी या दूध में मिलाकर लेने से शरीर में ऊर्जा बनी रहती है और रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है.

वहीं इसके बीज भी औषधि निर्माण में प्रयोग किए जाते हैं. आयुर्वेद, यूनानी और आधुनिक हर्बल प्रोडक्ट्स में इसकी मांग लगातार बढ़ रही है. अश्वगंधा की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे अधिक पानी की जरूरत नहीं होती. कम सिंचाई वाले इलाकों में भी यह आसानी से उगाई जा सकती है.

बीज बोने के लगभग छह महीने बाद पौधे पर फलियां आने लगती हैं और करीब दो साल में यह पूरी तरह परिपक्व हो जाता है. किसान पौधे को सुखाकर दाने निकाल सकते हैं और जड़ों को अलग करके बाजार में बेच सकते हैं. आयुर्वेदिक डॉक्टर मुकेश शर्मा ने बताया कि देश-विदेश में अश्वगंधा की डिमांड तेजी से बढ़ रही है.

यही कारण है कि इसकी कीमतें बढ़ती जा रही हैं. बाजार में इसकी सूखी जड़ों का भाव लगभग 200 से 450 रुपये किलो तक जाता है. इसके अलावा अश्वगंधा पाउडर 290 से 450 रुपये प्रति किलो बिकता है जबकि अर्क 1000 से 1200 रुपये प्रति किलो तक बेचा जाता है.

आयुर्वेदिक डॉक्टर के अनुसार, ऑर्गेनिक जड़ों की कीमत तो 450 रुपये किलो तक पहुंच जाती है. बढ़ती मांग का सीधा फायदा किसानों को मिलता है और यह फसल उन्हें सालभर आमदनी का स्रोत उपलब्ध कराती है. कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि अश्वगंधा की खेती न केवल किसानों को अच्छी आमदनी देती है. अगर किसान आधुनिक खेती तकनीक अपनाएं और बीजों की सही किस्म का चुनाव करें और मार्केटिंग पर ध्यान दें तो इस पौधे से लाखों का मुनाफा कमाना कमा सकते हैं.


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