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हम आपके सबसे भरोसेमंद दोस्त मुइज्जू ने चीन वाली गलती सुधारी तो भारत ने भर दी मालदीव की झोली - Somanshu News

हम आपके सबसे भरोसेमंद दोस्त मुइज्जू ने चीन वाली गलती सुधारी तो भारत ने भर दी मालदीव की झोली

हम आपके सबसे भरोसेमंद दोस्त मुइज्जू ने चीन वाली गलती सुधारी तो भारत ने भर दी मालदीव की झोली

 नई दिल्ली :  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ब्रिटेन का दौरा करने के बाद अपने दो दिवसीय यात्रा के लिए मालदीव पहुंचे हैं। इस दौरे के दौरान पीएम मोदी मालदीव के 60वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होंगे।

इस दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू की उपस्थिति में भारत और मालदीव ने कई समझौते किए हैं। भारत सरकार ने मालदीव के रक्षा मंत्रालय को 72 भारी वाहन उपलब्ध कराए हैं।

भारत और मालदीव के बीच समझौता

  1. मालदीव को 4850 करोड़ रुपये की ऋण सीमा (LOC) का विस्तार।
  2. भारत सरकार द्वारा वित्त पोषित LOC पर मालदीव के वार्षिक ऋण चुकौती दायित्यों में कमी।
  3. भारत-मालदीव मुक्त व्यापार समझौता (IMFTA) वार्ता का शुभारंभ।
  4. भारत-मालदीव राजनयिक संबंधों की स्थापना की 60वीं वर्षगांठ पर संयुक्त स्मारक डाक टिकट जारी।
  5. भारत की क्रेता ऋण सुविधाओं के तहत हुलहुमाले में 3300 सामाजिक आवास इकाइयों को सौंपना।
  6. अड्डू शहर में सड़क और जल निकासी प्रणाली परियोजना का उद्घाटन।
  7. मालदीव में6 उच्च प्रभाव सामुदायिक विकास परियोजनाओं का उद्घाटन।
  8. 72 वाहनों और अन्य उपकरणों को सौंपना।

पीएम मोदी ने क्या कहा?मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू के साथ संयुक्त प्रेस वार्ता के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि मैं भारत की जनता की ओर से स्वतंत्रता की 60वीं वर्षगांठ के ऐतिहासिक अवसर पर राष्ट्रपति और मालदीव की जनता को हार्दिक बधाई देता हूं।

उन्होंने कहा, “इस अवसर पर मुझे मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित करने के लिए मैं राष्ट्रपति मुइज्जू का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं। इस वर्ष भारत और मालदीव अपने राजनयिक संबंधों के 60 वर्ष पूरे होने का भी जश्न मना रहा है।”

पीएम मोदी ने कहा, “भारत और मालदीव के संबंधों की जड़ें इतिहास से भी पुरानी और समुद्र जितनी गहरी हैं। आज जारी किए गए स्मारक डाक टिकटों में दोनों देशों की पारंपरिक नौकाओं को प्रदर्शित किया गया है। यह दर्शाता है कि हम सिर्फ पड़ोसी ही नहीं, बल्कि सह-यात्री भी हैं।”


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