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भूकंप से फिर हिली इस एशियाई देश की धरती, एक महीने में 5वां झटका - Somanshu News

भूकंप से फिर हिली इस एशियाई देश की धरती, एक महीने में 5वां झटका

भूकंप से फिर हिली इस एशियाई देश की धरती, एक महीने में 5वां झटका

 एशियाई देश ताजिकिस्तान में रविवार सुबह भूंकप के झटके महसूस किए गए। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के अनुसार, ताजिकिस्तान में 4.0 तीव्रता का भूकंप आया। भूकंप 160 किमी की गहराई पर आया। NCS ने X पर एक पोस्ट में बताया, “भूकंप की तीव्रता: 4.0, समय: 20/07/2025 01:01:55 IST, अक्षांश: 36.87 N, देशांतर: 72.10 E, गहराई: 160 किमी, स्थान: ताजिकिस्तान।”

हाल में ताजिकिस्तान में आए भूकंप

इससे पहले, ताजिकिस्तान में 18 जुलाई को 3.8 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसकी गहराई केवल 10 किमी थी, जिससे यह आफ्टरशॉक्स के प्रति अधिक संवेदनशील हो गया था।

12 जुलाई को इस क्षेत्र में दो भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र ने बताया था, “भूकंप की तीव्रता: 4.8, समय: 12/07/2025 20:46:58 IST, अक्षांश: 38.86 N, देशांतर: 70.60 E, गहराई: 60 किमी, स्थान: ताजिकिस्तान।”

एक अन्य पोस्ट में बताया गया, “भूकंप की तीव्रता: 4.2, समय: 12/07/2025 18:57:26 IST, अक्षांश: 38.18 N, देशांतर: 74.30 E, गहराई: 107 किमी, स्थान: ताजिकिस्तान।”

21 जून को भी इस क्षेत्र में भूकंप आया था, जिसकी जानकारी NCS ने दी थी। विवरण के अनुसार, भूकंप 140 किमी की गहराई पर आया था। NCS ने X पर एक पोस्ट में कहा, “भूकंप की तीव्रता: 4.0, समय: 21/06/2025 01:36:29 IST, अक्षांश: 37.21 N, देशांतर: 72.10 E, गहराई: 140 किमी, स्थान: ताजिकिस्तान।”

ताजिकिस्तान की संवेदनशीलता

इस तरह के उथले भूकंप गहरे भूकंपों की तुलना में अधिक खतरनाक होते हैं, क्योंकि पृथ्वी की सतह के करीब ऊर्जा अधिक तीव्रता से निकलती है, जिससे जमीन में तेज कंपन होता है और इमारतों को अधिक नुकसान होता है। इसके विपरीत, गहरे भूकंप सतह तक पहुंचने में अपनी ऊर्जा खो देते हैं।

ताजिकिस्तान एक पहाड़ी देश है, जिसकी स्थलाकृति विविध है और यह जलवायु संबंधी खतरों के प्रति विशेष रूप से संवेदनशील है। यह भूकंप, बाढ़, सूखा, हिमस्खलन और भूस्खलन से ग्रस्त है। सबसे संवेदनशील क्षेत्र ग्लेशियर पर निर्भर नदी घाटियां हैं जो सिंचाई के लिए जलविद्युत और जल संसाधन प्रदान करती हैं, नाजुक पर्वतीय पारिस्थितिकी तंत्र और पहाड़ी एवं नदी तटीय भूभाग वाले अलग-थलग जंगल हैं, जो इसे भूस्खलन और भूमि क्षरण के लिए संवेदनशील बनाते हैं।


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