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सर्पदंश की झूठी कहानी का भंडाफोड़, पुलिस ने डॉक्टर, वकील समेत 5 लोगों के खिलाफ किया मामला दर्ज, जानें पूरा मामला - Somanshu News

सर्पदंश की झूठी कहानी का भंडाफोड़, पुलिस ने डॉक्टर, वकील समेत 5 लोगों के खिलाफ किया मामला दर्ज, जानें पूरा मामला

सर्पदंश की झूठी कहानी का भंडाफोड़, पुलिस ने डॉक्टर, वकील समेत 5 लोगों के खिलाफ किया मामला दर्ज, जानें पूरा मामला

बिलासपुर : छत्तीसगढ़ से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक युवक की जहरीली शराब एसएसपी रजनेश सिंह ने गुरुवार को बिलासागुड़ी में एक बड़े मामले का खुलासा किया। उन्होंने मीडिया को बातचीत में बताया कि ग्राम पोड़ी निवासी शिव कुमार घृतलहरे (26) की 12 नवंबर 2023 को तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। उल्टी और मुंह से झाग आने के बाद उसे पास के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में भर्ती कराया गया, जहां से उसे गंभीर हालत के कारण सिम्स अस्पताल रेफर कर दिया गया।

तीन दिन बाद उसकी मौत हो गई। इस दौरान मृतक के परिजनों ने शव पंचनामा के दौरान पुलिस को बताया कि शिव कुमार की मौत सांप के काटने से हुई है। पोस्टमॉर्टम करने वाली सिम्स अस्पताल की डॉ. प्रियंका सोनी ने भी अपनी रिपोर्ट में पैर पर सांप के काटने का निशान होने का उल्लेख किया। हालांकि, पुलिस को शव का पंचनामा करते समय पैर पर किसी भी तरह का सर्पदंश का निशान नहीं मिला।

 जांच में सामने आई साजिश

मामले की जांच में सामने आया कि एक वकील ने डॉक्टर से फर्जी रिपोर्ट तैयार करवाई थी और परिजनों को झूठा बयान देने के लिए उकसाया था, ताकि मुआवजा हासिल किया जा सके। इलाज करने वाले डॉक्टर की राय से यह साजिश उजागर हो गई और मामला फर्जी साबित हुआ।

अन्य मामलों की भी जांच शुरू

इस घटना के बाद एसएसपी रजनेश सिंह ने जिले के सभी थानों को सर्पदंश से जुड़ी शिकायतों की बारीकी से जांच करने का निर्देश दिया है। फिलहाल जिले में ऐसे 12 मामले दर्ज हैं, जिनकी पुलिस द्वारा गहराई से जांच की जा रही है।

जहर खा कर की आत्महत्या

एसएसपी ने बताया कि बिल्हा थाना क्षेत्र का मामला है। इसमें पोडी निवासी शिवकुमार धृतलहरे ने जहर खाया था और उसे अस्पताल में एडमिट किया गया था। इसका हॉस्पिटल में इलाज चल रहा था, इसके 2-3 दिन बाद उसकी मौत हो गई। मौत के बाद पोस्टमॉर्टम हुआ। पोस्टमॉर्टम में स्नेक बाइट की रिपोर्ट दी गई थी। इसके बाद वकील के माध्यम से मुआवजे के लिए संबंधित विभागों में अर्जी लगाई गई।

इसके बाद जब ये मामला हमारे संज्ञान में आया तो वकील, डॉक्टर, और मृतक के परिवार के लोग इसमें शामिल थे। दरअसल, स्नेक बाइट के मामलों में मुआवजे के रूप में शासन की तरफ से 4 लाख रुपए मिलते हैं। जब मृतक के परिवार वालों से पूछताछ की गई तो उन्होंने बताया कि वकील ने हमें कहा था कि इसमें वे पैसे दिलाएंगे।


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