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26 साल के युवा किसान ने रचा इतिहास: विकसित की परवल की नई वैरायटी ‘सोनू निगम’, वैज्ञानिक भी हुए दंग - Somanshu News

26 साल के युवा किसान ने रचा इतिहास: विकसित की परवल की नई वैरायटी ‘सोनू निगम’, वैज्ञानिक भी हुए दंग

26 साल के युवा किसान ने रचा इतिहास: विकसित की परवल की नई वैरायटी ‘सोनू निगम’, वैज्ञानिक भी हुए दंग

मुजफ्फरपुर :  बिहार के मुजफ्फरपुर जिला स्थित सकरा प्रखंड के मछही गांव निवासी सोनू निगम कुमार की ख्याति देश के युवा किसान के रूप में होने लगी है. महज 26 साल के सोनू इनोवेटिव कृषक सम्मान से सम्मानित होने के साथ ही राष्ट्रीय उद्यान रत्न के लिए भी चुने जा चुके हैं. सोनू मुख्य रूप से परवल की खेती करते हैं. उनका मानना है कि परवल की खेती मुनाफे का सौदा है.

यही कारण है कि लगभग 6 एकड़ भूमि में सोनू परवल उगाते हैं और सीजन में में 25 लाख तक का सेल कर लेते हैं. सब खर्च काट कर 15 लाख शुद्ध मुनाफा हर साल कमा ले रहे हैं. अब सोनू परवल पर शोघ भी कर रहे हैं.

सोनू ने परवल की नई वैरायटी को किया विकसित

सोनू ने बताया कि 2019 से  परवल पर शोध कर रहे हैं. 2022 में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद नई दिल्ली (ICAR) में अपने शोध के बारे में जानकारी दी. वहीं शोध में किए गए दावों की जांच के लिए आईसीएआर के क्षरा परवल का लत्तर मांगा गया. इसके बाद शोध कार्य के डॉक्यूमेंट और परवल के लत्तर को लेकर दिल्ली गए. सोनू ने बताया कि पिछले 3 साल से शोध को लेकर जो दावा पेश किया जा रहा है, वह सही साबित हो रहा है. यदि पांच साल तक सारे दावे सही पाए गए तो परवल की इस प्रजाति का नाम सोनू के नाम से हो जाएगा. इनके शोध कार्य को देख कृषि वैज्ञानिक भी हैरान हैं. सोनू ने परवल की इस वैरायटी का नाम सोनू निगम रखा है. सोनू परवल की खेती को बढ़ावा देने के लिए नित नए आयाम गढ़ रहे हैं. परवर की नइ वैरायटी का इलाज करना इसी का एक उदाहरण है.

15 सेंटीमीटर तक लंबा होता है यह परवल

सोनू ने बताया कि इस परवल की खासियत यह है कि काफी मुलायम और लंबा होता है. मुलायम होने के कारण इसकी सब्जी जल्दी तैयार हो जाती है. यह परवल 15 सेंटीमीटर तक का होता है. बाजारों में इसकी अच्छी कीमत मिल जाती है. आम लोगों से लेकर अधिकारी तक की पहली पसंद यह परवल होती है. इस वैरायटी की एक और खासियत यह है कि इसमें बीज बेदद कम होती है. सोनू ने बताया कि पिता भी खेती ही करते थे. पिता को खेती करते देख बचपन से ही इस ओर रूझान बढ़ गया. अब पिता की खेती की विरासत को खुद संभाल रहे हैं और परवल की खेती लाखों में कमाई कर रहे हैं.


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