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न राजा न राष्ट्रपति, वो इकलौता शख्स, जो बिना Visa कहीं भी घूम सकता है, ताकत ऐसी कि कोई रोक भी नहीं सकता! - Somanshu News

न राजा न राष्ट्रपति, वो इकलौता शख्स, जो बिना Visa कहीं भी घूम सकता है, ताकत ऐसी कि कोई रोक भी नहीं सकता!

न राजा न राष्ट्रपति, वो इकलौता शख्स, जो बिना Visa कहीं भी घूम सकता है, ताकत ऐसी कि कोई रोक भी नहीं सकता!

दुनिया में क्या कोई ऐसा इंसान हो सकता है जिसे बिना वीजा और बिना पासपोर्ट के हर देश में जाने की इजाजत हो? सोचने पर अजीब लगेगा लेकिन हां, एक शख्स ऐसा है जिसे पूरी दुनिया में कहीं भी जाने के लिए कोई रोक-टोक नहीं होती।

उनकी पोजिशन इतनी खास है कि ब्रिटेन के राजा और जापान के सम्राट भी उनसे पीछे हैं। आइए जानते हैं कौन हैं ये खास इंसान और उन्हें ये अनोखा अधिकार कैसे मिला है।

कौन हैं वो शख्स?

यह खास शख्स हैं वेटिकन सिटी के प्रमुख और पूरी दुनिया के कैथोलिक ईसाइयों के धर्मगुरु — पोप। पोप का दर्जा दुनियाभर में सबसे अलग और विशिष्ट माना जाता है। आज के समय में पोप फ्रांसिस इस विशेष पोजिशन पर हैं और वे बिना वीजा के किसी भी देश में यात्रा कर सकते हैं।

क्यों नहीं चाहिए पोप को वीजा?

पोप को वेटिकन सिटी का प्रमुख होने के नाते एक अंतरराष्ट्रीय राजनयिक (Diplomatic) दर्जा प्राप्त है। इस वजह से ज्यादातर देशों में उन्हें वीजा की जरूरत नहीं होती। वेटिकन दुनिया का सबसे छोटा लेकिन संप्रभु देश है, और पोप उसका सर्वोच्च नेता है। जब भी पोप किसी देश का दौरा करते हैं तो उन्हें वहां ‘स्टेट गेस्ट’ यानी ‘राजकीय अतिथि’ का सम्मान दिया जाता है।

वेटिकन पासपोर्ट से मिलती है विशेष छूट

पोप के पास वेटिकन का राजनयिक पासपोर्ट होता है। इसी पासपोर्ट के दम पर वे बिना वीजा दुनिया के लगभग हर देश में यात्रा कर सकते हैं। जब वह आधिकारिक दौरे पर जाते हैं तो मेजबान देश खुद उन्हें विशेष अनुमति देता है। कुछ देशों में सुरक्षा कारणों से नाममात्र औपचारिकताएं होती हैं लेकिन वीजा लगाने की जरूरत नहीं पड़ती।

क्या है इसका कानूनी आधार?

वेटिकन की स्वतंत्रता की बुनियाद 1929 में हुई लैटरन संधि (Lateran Treaty) से रखी गई थी। इसके तहत वेटिकन को स्वतंत्र राष्ट्र का दर्जा और पोप को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राजनयिक इम्युनिटी दी गई। इसके अलावा 1961 की वियना कन्वेंशन (Vienna Convention) में भी पोप को विशेष राजनयिक अधिकार दिए गए हैं।

दूसरे बड़े नेताओं की स्थिति

ब्रिटेन के राजा के पास भी पासपोर्ट नहीं होता, क्योंकि ब्रिटिश पासपोर्ट खुद उनके नाम पर जारी होते हैं। फिर भी उनकी यात्रा द्विपक्षीय संबंधों और सरकारी प्रोटोकॉल पर निर्भर होती है।

जापानी सम्राट का दर्जा प्रतीकात्मक है। उन्हें भी राजकीय यात्राओं में पासपोर्ट की जरूरत नहीं होती, लेकिन वीजा के नियम उनके लिए लागू हो सकते हैं।

संयुक्त राष्ट्र महासचिव को भी ज्यादातर देश वीजा छूट देते हैं, लेकिन पोप का धार्मिक और राजनयिक दर्जा कहीं ज्यादा शक्तिशाली है।

पोप का विशेष विमान “शेफर्ड वन”

जब पोप किसी देश की यात्रा करते हैं तो वह एक विशेष विमान से सफर करते हैं, जिसे “Shepherd One” कहा जाता है। यह कोई स्थायी विमान नहीं होता बल्कि हर यात्रा के लिए एक अलग विमान को विशेष रूप से तैयार किया जाता है। अधिकतर अलिटालिया या मेजबान देश की राष्ट्रीय एयरलाइन इस विमान को उपलब्ध कराती है।

शेफर्ड वन के खास फीचर्स:

  1. पोप के लिए निजी क्षेत्र
  2. आरामदायक सीट और बिस्तर
  3. प्रार्थना या चिंतन के लिए शांत स्थान
  4. पत्रकारों और वेटिकन अधिकारियों के लिए अलग केबिन
  5. विमान पर वेटिकन का झंडा और पोप का प्रतीक चिह्न

कितने देशों की यात्रा कर चुके हैं पोप?

पोप फ्रांसिस अब तक 50 से ज्यादा देशों का दौरा कर चुके हैं। हर जगह उन्हें स्टेट गेस्ट के रूप में आमंत्रित किया गया। चाहे वह एशिया हो, अफ्रीका हो या अमेरिका, हर देश में पोप का स्वागत विशेष सम्मान के साथ किया जाता है।

आखिर पोप को ही क्यों मिला ये अधिकार?

पोप न सिर्फ एक देश के नेता हैं बल्कि 1.3 अरब से ज्यादा कैथोलिकों के धार्मिक प्रमुख भी हैं। इसलिए उनकी स्थिति किसी भी सामान्य राजा, रानी या राष्ट्रपति से बहुत ऊंची मानी जाती है। पोप का दर्जा धार्मिक + राजनयिक है, जबकि बाकी राजशाही या राजनीतिक नेताओं का दर्जा केवल राजनयिक या प्रतीकात्मक होता है।


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