पितरों की आत्मा की शांति के लिए अमावस्या की रात करें ये 5 उपाय, घर में होगी बरकत!

पितरों की आत्मा की शांति के लिए अमावस्या की रात करें ये 5 उपाय, घर में होगी बरकत!

हिंदू धर्म के लोगों के लिए साल में आने वाली प्रत्येक 12 अमावस्या का खास महत्व है, जिसमें से एक वैशाख अमावस्या भी है। वैशाख अमावस्या के दिन भगवान विष्णु की पूजा और स्नान-दान करना शुभ माना जाता है।

वैदिक पंचांग के मुताबिक, इस साल 27 अप्रैल 2025 को वैशाख अमावस्या का व्रत रखा जाएगा। पूजा-पाठ के अलावा वैशाख अमावस्या के शुभ दिन पितरों की आत्मा की शांति के लिए कुछ अचूक उपाय करने भी लाभदायक रहते हैं।

चलिए जानते हैं शास्त्रों में बताए गए वैशाख अमावस्या की रात करने वाले प्रभावशाली उपायों के बारे में।

वैशाख अमावस्या से जुड़े प्रभावशाली उपाय

  1. वैशाख अमावस्या की रात अपने घर की छत पर दक्षिण दिशा में घी का एक दीपक जलाएं। इस उपाय से आपके घर में मौजूद नकारात्मक ऊर्जा खत्म होगी और परिवारवालों के बीच प्रेम बढ़ेगा। साथ ही घर में बरकत भी होगी।
  1. यदि आपके घर में आए दिन लड़ाई-झगड़े होते रहते हैं तो वैशाख अमावस्या की रात फिटकरी का एक टुकड़ा खरीदकर लाएं। फिटकरी को अपने दाएं हाथ में लें और फिर उसे लेकर घर के कोने-कोने में घूमें। अब एक काला कपड़ा लें। कपड़े में फिटकरी को बांधकर घर के मुख्य द्वार पर टांग दें। इस उपाय से आपके घर में चली रही परेशानियां खत्म होंगी। साथ ही परिवारवालों को पितरों का आशीर्वाद मिलेगा।
  2. पितरों की आत्मा की शांति के लिए वैशाख अमावस्या की रात पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं। दीपक जलाते समय पितरों का स्मरण करें। इस उपाय से आपके पितर आपसे खुश हो सकते हैं।
  3. माना जाता है कि जो लोग अमावस्या के दिन सच्चे मन से विष्णु जी की पूजा करते हैं, उन्हें मोक्ष की प्राप्ति होती है। इसलिए इस दिन पितरों की आत्मा की शांति के लिए सुबह और शाम दोनों समय विष्णु जी की आराधना करें। साथ ही विष्णु मंत्रों का जाप करें। इस उपाय से आपको पितृ दोष से जल्द ही छुटकारा मिल सकता है।
  4. वैशाख अमावस्या की रात विष्णु जी की पूजा करने के बाद एक पानी वाला नारियल लें। नारियल पर सात बार कलावे को लपटें। इस दौरान अपने पितरों को याद करें और उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करें। अब नारियल को बहते हुए पानी में प्रवाहित कर दें। इस उपाय से आपको अपने पितरों का विशेष आशीर्वाद प्राप्त होगा। साथ ही घर-परिवार में चल रहे क्लेश काफी कम हो जाएंगे।

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