Indian Railway: देश के 60 बड़े स्टेशनों पर बनाए जाएंगे होल्डिंग एरिया, प्रयागराज के लिए भी बना बड़ा प्लान
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर हुई थी भगदड़
प्लेटफार्म को अनावश्यक भीड़ से बचाने के लिए टिकट देखने के बाद ही यात्रियों को प्लेटफार्म के अंदर प्रवेश की अनुमति होगी। रेलवे मैनुअल बनाने के लिए छह महीने तक विशेष अभियान चलाकर सुझाव लिए जाएंगे। इसमें यात्रियों, कर्मचारियों एवं कूलियों से भी सुझाव लिए जाएंगे। भीड़ वाले स्टेशनों पर उन्नत निगरानी तंत्र के जरिए यात्रियों को नियंत्रित किया जाएगा।
इन बातों का रखा जाएगा ध्यान
खासकर ट्रेनों के विलंब होने के दौरान इसका अतिरिक्त ख्याल रखा जाएगा। रेल अधिकारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। स्टेशनों पर स्केलेटर और सीढ़ियों से गिरने की घटनाएं बढ़ रही हैं। यात्रियों से आग्रह किया जाएगा कि सीढि़यों एवं लैंडिंग क्षेत्रों में नहीं बैठें।
हादसे की जांच कर रही समिति
- नई दिल्ली स्टेशन पर हादसे की जांच दो सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति कर रही है। मंत्रालय को रिपोर्ट का इंतजार है। दोषियों पर कार्रवाई तभी होगी। मंत्रालय का मानना है कि नई दिल्ली स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 16 पर घटना के दिन यात्रियों की ज्यादा भीड़ नहीं थी। होली-दिवाली एवं छठ पूजा से भी कम यात्री थे।
- कुंभ के लिए सारी ट्रेनें पुरानी दिल्ली और आनंद विहार स्टेशन से चलाई जा रही हैं। सामान्य दिनों में नई दिल्ली स्टेशन से दो से चार विशेष ट्रेनें ही चलाई जा रही थीं। देर शाम 26 सौ टिकट ज्यादा कटे तो रेलवे ने कुंभ के लिए उस दिन चलने वाली विशेष ट्रेनों की संख्या बढ़ाकर पांच कर दी। उस दिन प्लेटफार्म 16 से 8.30 बजे मगध एक्सप्रेस के खुलने के बाद 9.30 बजे प्रयागराज एक्सप्रेस को खुलना था। ट्रेन आ चुकी थी।
- इसी दौरान यात्रियों की संख्या को देखते हुए प्लेटफार्म नंबर 12 से एक और विशेष ट्रेन चलाने का निर्णय लिया गया। जब उसकी घोषणा हुई तो प्लेटफार्म 16 के यात्री तेजी से प्लेटफार्म 12 पर जाने लगे। इसी अफरातफरी में 25-30 लोग एक साथ सीढ़ियों पर चढ़ने लगे, जहां पहले से ही कुछ यात्री बैठे थे। ऊपर के किसी यात्री का सामान गिर गया, जिससे लोग एक-दूसरे पर लुढ़कने लगे।
सुप्रीम कोर्ट दायर हुई याचिका
याचिका में यह भी कहा गया है कि केंद्र व राज्य सरकारों समेत सभी प्रतिवेदियों को तालमेल के साथ काम करने के लिए एक संयुक्त विशेषज्ञ समिति बनानी होगी, जो भगदड़ जैसी घटनाओं को रोकने के लिए दिशा-निर्देश और मापदंड तैयार करेगी। उसने भारतीय रेलवे को भी निर्देश देने को कहा कि वह रेलवे स्टेशनों व प्लेटफार्मों पर सभी यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कड़े उपाय करे।
गलियारों, प्लेटफार्मों और ओवर ब्रिजों को चौड़ा किया जाए। पीक आवर में किसी भी ट्रेन के आने या जाने को लेकर प्लेटफार्म नहीं बदले जाएं। आधुनिक तकनीकों और एआई का भी उपयोग कर ऐसी घटनाओं को टाला जाए।
