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NEET UG 2025: नीट यूजी के टाई ब्रेकिंग नियमों में हुआ बड़ा बदलाव, अब ऐसे तय होगी रैंक, मई में होगा एग्जाम - Somanshu News

NEET UG 2025: नीट यूजी के टाई ब्रेकिंग नियमों में हुआ बड़ा बदलाव, अब ऐसे तय होगी रैंक, मई में होगा एग्जाम

NEET UG 2025: नीट यूजी के टाई ब्रेकिंग नियमों में हुआ बड़ा बदलाव, अब ऐसे तय होगी रैंक, मई में होगा एग्जाम

नई दिल्ली : नीट यूजी परीक्षा 2025 के लिए टाई ब्रेकिंग नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है।इसके मुताबिक, पहले से निर्धारित मौजूदा सात बिंदुओं वाले नियमों को फाॅलो करने के बाद भी अगर दो उम्मीदवारों के बीच टाई की स्थिति समान रहती है तो फिर इस परिस्थिति में स्वतंत्र एक्सपर्ट कमेटी की मार्गदर्शन करेगी और वह random प्रोसेस के माध्यम से हल निकालेगी।

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की ओर से जारी किए गए आधिकारिक नोटिफिकेशन के अनुसार, नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट, अंडरग्रेजुएट (NEET UG 2025) के लिए मौजूदा सात-बिंदु मेथेड के बाद भी अगर उम्मीदवारों के बीच टाई की स्थिति बनी रहती है तो, फिर एक स्वतंत्र एक्सपर्ट कमेटी गाइड करेगी और इसे रेंडम प्रोसेस के माध्यम से हल करेगी। कैंडिडे्टस नीचे सात सात बिंदु वाले टाई ब्रेकिंग रूल्स की जांच कर सकते हैं।

NEET UG 2025 Tie-breaking Rule: नीट यूजी परीक्षा के लिए ये हैं सात बिंदु वाले टाई ब्रेकिंग रूल्स

1-सबसे पहले कैंडिडेट्स के बायोलॉजी(बॉटनी और जूलॉजी) में हायर अंक/प्रतिशत स्कोर प्राप्त करने वाले उम्मीदवार को अखिल भारतीय रैंक (एआईआर) सूची में प्राथमिकता दी जाएगी।

2- इसके बाद भी स्थिति समान रहती है तो रसायन विज्ञान में हॉयर अंक/प्रतिशत स्कोर प्राप्त करने वाले अभ्यर्थी को प्रायोरिटी दी जाएगी।
3-अब भी टाई की परिस्थिति बनने पर अभ्यर्थियों के भौतिक विज्ञान में बेहतर अंक/प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले उम्मीदवारों को रैंक में जगह दी जाएगी।
4-इन विषयों के बाद इस परिस्थिति को हल करने के लिए नीट यूजी टेस्ट में सभी विषयों में प्रयास किए गए गलत उत्तरों और सही उत्तरों की संख्या के अनुपात को देखते हुए रैंक पर निर्णय लिया जाएगा।
5- अब जीवविज्ञान (बॉटनी और जूलॉजी) में अटेम्प्ट किए गए गलत उत्तरों और सही उत्तरों की संख्या के अनुपात को देखते हुए निर्णय लिया जाएगा।
– इसके बाद, रसायन विज्ञान में प्रयास किए गए गलत उत्तरों और सही उत्तरों की संख्या के अनुपात में कम अनुपात वाले अभ्यर्थी को वरीयता दी जाएगी।
7- भौतिक विज्ञान में प्रयास किए गए गलत और सही उत्तरों की संख्या का अनुपात को ध्यान में रखकर रैंक डिसाइड की जाएगी।
नोट- ऊपर दिए गए सभी 7 बिंदुओं को ध्यान में रखने के बाद भी अगर उम्मीदवारों के बीच टाई की सिचुएशन रहती है तो फिर इस परिस्थिति में एक्सपर्ट कमेटी की ओर से डिसीजन रैंक डिसाइड करने के संबंध में फैसला लिया जाएगा। वहीं, परीक्षा का आयोजन मई में किया जाएगा।

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