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बैजनाथपारा में मारपीट, कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची - Somanshu News

बैजनाथपारा में मारपीट, कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची

बैजनाथपारा में मारपीट, कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची

रायपुर :  राजधानी के बैजनाथ पारा में आज देर रात साम्प्रदायिक दंगे का मामला सामने आया है जिसमें कुछ मुस्लिम युवकों के साथ कुछ दूसरे गुट के युवकों ने जमकर मारपीट की है। मामलें में अभी तक जानकारी यही आ रही है कि ये मुद्दा साम्प्रदायिक बन गया है। कोतवाली थाना प्रभारी ने बताया है कि वे वारदात स्थल पर पहुंच रहे है। बैजनाथपारा में इस दंगे की असली वजह भी यही है कि सड़कों पर चिकन-मटन की दुकानें खुली रहती है। जिसके चलते युवा बैजनाथपारा में बैठकर ही शराब और नशे का सेवन करते पाए जाते है।

मगर आज रात इन्हीं दुकानों के खुलने की वजह से दंगे की स्थिति बन गयी है। भारी पुलिस बल इलाके में पहुंच गया है। आपको बता दें कि पिछले साल ही टिकरापारा में हिंदू-मुस्लिम दंगा होने की वजह से शहरभर में तनाव का माहौल बना हुआ था। बैजनाथपारा में असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है। रातभर होटलों में चिकन-मटन की दावतें उड़ाई जाती है। आपको बता दें कि इस लड़ाई झड़गे की असली वजह अभी सूत्रों से जानकारी में मिल रही है कि शादी के दौरान मौदहापारा और राजातालाब के लड़कों के बीच कुछ विवाद हुआ था जिसमें बैजनाथपारा के लोग बीच मे आ गए थे।

जिसके बाद विवाद इतना बढ़ गया है कि मारपीट की स्थिति बन गयी। जिसे कोतवाली पुलिस की मुस्तैदी के चलते 3 पेट्रोलिंग गाड़ियों में जवानों ने मिलकर शांत करवा रहे है।
बैजनाथपारा में खुलेआम पायजामा छाप नेता अपनी ताक़त और बलबूते में जगह-जगह नानवेज और बिरियानी होटल का स्टॉल लगवाकर उन लोगों से हज़ार पंद्रह सौ रुपये प्रतिदिन वसूली कर रहे है। बैजनाथपारा के बीच सडक़ में ठेला और दुकान लगवा कर आने जाने वालों के लिए मुश्किल खड़ा कर रहे हैं। इसी तरह के हालात बैजनाथपारा में कई जगहों पर देखा जा सकता है।

मोहल्ले के निवासी कई बार थाने में इस मामले की शिकायत भी करते है तो कोई सुनवाई नहीं होती है। कमोबेश यही हालात पूरे बैजनाथपारा में देखने को मिलता है। वहां के नाड़ा पायजामा छाप नेता लोग ज़बरन वसूली और खाने-पीने की सामग्री मुफ़्त में रंगदारी के साथ लेते हैं और उन्हें कुछ बड़े नामचीन रसूखदार नेता संरक्षण देते हैं । बैजनाथपारा में रात 11 बजे पुलिस की आखिरी गश्त के बाद वहां पर गुंड़ों का राज चलता है। रात के दो बजे तक गुंडों -बदमाशों का तांडव नाच खुलेआम चलता है ।


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