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नपेंगे 74 पटवारी, धान खरीदी के दोरान कर दी थी खसरे की गलत एंट्री.... - Somanshu News

नपेंगे 74 पटवारी, धान खरीदी के दोरान कर दी थी खसरे की गलत एंट्री….

नपेंगे 74 पटवारी, धान खरीदी के दोरान कर दी थी खसरे की गलत एंट्री….

बिलासपुर  : छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के दौरान 74 पटवारियों ने खसरों की गलत एंट्री करने का मामला सामने आया है। इन सभी पटवारियों पर आरोप है कि इन्होंने लगभग सात फीसदी खसरे का गलत रकबे में एंट्री कर दी है।

यह गड़बड़ी तब सामने आई जब भौतिक सत्यापन किया गया। भौतिक सत्यापन के लिए जिले को तहसील स्तर पर 13608 खसरे दिए गए थे। इन खसरों का मौके पर जाकर सत्यापन करना था और रिपोर्ट पेश करनी थी। भौतिक सत्यापन में पाया गया कि 6.67% खसरों में धान की फसल नहीं थी, लेकिन पटवारियों ने इनमें धान की फसल ली होने की गलत जानकारी दर्ज कर दी थी।

किसानों के पंजीकरण में भी कमी  

बता दें, इस साल जिले में 1,37,672 किसानों को 1,44,981 हेक्टेयर रकबे के साथ पंजीकृत किया गया था। हालांकि, पिछले साल की तुलना में इस साल धान की खरीदी में 2.4% की कमी देखी गई है।

कोचियों और व्यापारियों के खिलाफ कार्रवाई  

धान खरीदी में गड़बड़ी रोकने के लिए कलेक्टर अवनीश शरण के निर्देश पर विकासखंड स्तर पर राजस्व, खाद्य व मंडी विभाग का विशेष जांच दल गठित किया गया था।

इस दल ने कोचियों और व्यापारियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 1 करोड़ रुपये मूल्य के 2,906 क्विंटल धान जब्त किया। साथ ही, टोकन कटवाकर अधिक धान बेचने वाले 53,741 किसानों से 3,027.41 हेक्टेयर रकबा सरेंडर कराया गया।

पटवारियों को जवाब देने का निर्देश  

भौतिक सत्यापन के दौरान पाया गया कि भूमि के कुल क्षेत्रफल के 93.33 प्रतिशत भाग पर धान की फसल उगाई गई थी। लेकिन, खसरा के 6.67 प्रतिशत क्षेत्र में धान की फसल नहीं देखी गई है। इसका मतलब यह है कि पटवारियों (CG Patwari) ने इस खसरे में धान की फसल की कटाई के बारे में गलत जानकारी दर्ज की थी।

आगे की कार्रवाई जारी

भौतिक सत्यापन के बाद आवश्यक सुधार किये गये। संशोधन के साथ ही घर बैठे एंट्री करने वाले 74 पटवारियों को नोटिस जारी कर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। इस मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।

यह मामला प्रशासनिक लापरवाही और जवाबदेही की कमी को उजागर करता है। अधिकारियों ने सुधारात्मक कदम उठाए हैं, लेकिन इस तरह की गड़बड़ियों को रोकने के लिए सख्त निगरानी की आवश्यकता है।

 


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