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आयकर विभाग ने सीज किए 10 करोड़ कैश, 2.5 करोड़ की ज्वेलरी - Somanshu News

आयकर विभाग ने सीज किए 10 करोड़ कैश, 2.5 करोड़ की ज्वेलरी

आयकर विभाग ने सीज किए 10 करोड़ कैश, 2.5 करोड़ की ज्वेलरी

रायपुर : राइस मिलर्स, एक्सपोर्ट्स, कमीशन एजेंट्स और राइस ब्रोकर्स के ठिकानों पर मिले कैश में से अब तक 10 करोड़ रुपए सीज किए गए हैं. इसके साथ ही सभी आवासीय परिसरों में की गई जांच के दौरान मिली ज्वेलरी में से करीब 2.5 करोड़ मूल्य की ज्वेलरी सीज की गई है. आयकर अन्वेषण द्वारा प्रदेश में की गई आयकर छापे की कार्रवाई तीसरे दिन भी जारी रही. सभी 25 ठिकानों से मिले कैश में से बुक्स के रिकार्ड्स का मिलान करने के बाद अब तक 10 करोड़ रुपए कैश सीज कर लिए गए हैं.

दोनों कारोबारी समूह के संचालकों के आवास के साथ ही कमीशन एजेंट्स व राइस ब्रोकर्स फर्म के संचालकों के आवासीय परिसर से मिली ज्वेलरी का मूल्यांकन कराने के बाद ढाई करोड़ की ज्वेलरी सीज की गई है. टीम हवाला के लेन-देन और बेनामी सम्पत्ति के एंगल से भी जांच कर रही है.

18 ठिकानों पर जांच जारी

शुक्रवार रात कुछ ठिकानों पर की जा रही जांच पूरी कर ली गई है, लेकिन अभी भी मुख्य दफ्तर और अन्य कार्यालय व आवास मिलाकर अभी भी 18 ठिकानों पर जांच की प्रक्रिया जारी रही. टीम जांच के दौरान मिले दस्तावेज के आधार पर संचालकों का बयान दर्ज कर रही है. अब तक मिले 18 लॉकर्स में 12 लॉकर्स उनके संचालकों की उपस्थिति में आपरेट किए जा चुके हैं तथा शेष लॉकर्स की जांच भी जल्द ही की जाएगी. विशेषज्ञों की एक टीम डिजिटल रिकार्ड्स का बैकअप लेने में जुटी है. बता दें कि आयकर अन्वेषण छत्तीसगढ़-मध्यप्रदेश की टीम ने सत्यम बालाजी समूह, साईं हनुमंत इंडस्ट्रीज के साथ ही कमीशन एजेंट्स, राइस ब्रोकर्स के 25 ठिकानों पर दबिश दी थी.

कांट्रेक्टर फर्म पीआरए ग्रुप में आयकर जांच जारी

मुख्य आयकर आयुक्त कार्यालय की टीम द्वारा कांट्रेक्टर फर्म पीआरए ग्रुप में की गई सर्वे की कार्रवाई दूसरे दिन भी जारी रही. प्रारंभिक जांच में खर्चे ज्यादा दिखाकर लाभ कम दर्शाए जाने के दस्तावेज मिले हैं. बताया जा रहा है टीम ने कांट्रेक्टर के कुछ दस्तावेज, खर्चों के बिल और हार्डडिस्क को भी सीज किया है.

टीम को डिजिटल रिकार्ड में भी अनियमितताएं मिली हैं. संभावना बताई जा रही है कि संचालकों का बयान लेने के बाद देर रात तक सर्वे की कार्रवाई पूरी हो सकती है. गड़बड़ियों का खुलासा फाइनल रिपोर्ट तैयार होने पर ही हो पाएगा.


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