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छत्तीसगढ़ में रफ्तार का कहर बरकरार, नौ माह में 72 प्रतिशत से ज्यादा सड़क हादसों में 4945 की मौत - Somanshu News

छत्तीसगढ़ में रफ्तार का कहर बरकरार, नौ माह में 72 प्रतिशत से ज्यादा सड़क हादसों में 4945 की मौत

छत्तीसगढ़ में रफ्तार का कहर बरकरार, नौ माह में 72 प्रतिशत से ज्यादा सड़क हादसों में 4945 की मौत

रायपुर : रायपुर समेत छत्‍तीसगढ़ में दोपहिया चालकों के रफ्तार का कहर के चलते लगातार सड़क हादसे का ग्राफ बढ़ रहा है। पिछले नौ महीने के भीतर ही 72 प्रतिशत सड़क हादसे केवल अनियंत्रित रफ्तार से दोपहिया वाहन चलाने के कारण हुई है। इस दौरान कुल 11027 सड़क हादसे में 9364 दोपहिया चालक,सवार घायल हुए है और 4945 की मौत हो चुकी है।

सड़क पर रफ्तार के कहर से न केवल वाहन चालक बल्कि इसका खामियाजा अन्य लोगों को भी भुगतना पड़ रहा है। इसे देखते हुए सभी यातायात व पुलिस थाना और इंटरसेप्टर वाहन के प्रभारियों को जागरुकता अभियान चलाने के साथ ही ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्ती से अभियान चलाकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

राज्य पुलिस के अधिकारियों के अनुसार सड़क हादसे का यह आकंड़ा एक जनवरी से 30 सितंबर के बीच के है।हादसे के पीछे मुख्य वजह दोपहिया में तीन सवारी, बिना हेलमेट वाहन चलाने और ट्रैफिक नियमों का पालन नहीं करना पाया गया है।जनजागरुकता अभियान चलाने और चेतावनी के बाद भी नियमों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ अब कार्रवाई करते हुए वाहन जब्त कर लाइसेंस निरस्त किया जायेगा,ताकि हादसे में कमी लाई जा सके।

रोज 40 से अधिक सड़क हादसे, 19 की मौत

प्रदेश में रोजाना 40 से अधिक सड़क हादसे हो रहे हैं। इसमें 34 से ज्यादा लोग घायल हो रहे हैं। वहीं औसतन 19 लोगों की मौत हो रही है। एक जनवरी से 30 सितंबर 2023 तक 10 फीसदी हादसे के साथ ही घायलों और मृतकों की संख्या कम थी। लगातार बढ़ रहे हादसों को देखते हुए पुलिस मुख्यालय की ओर से 15 इंटरसेप्टर वाहनों को हाईवे और सभी थानों को अपने सीमा क्षेत्र में जांच अभियान चलाने कहा गया है।

हादसों में दोपहिया चालकों की ज्यादा मौत

प्रदेश में होने वाले सड़क हादसों में सबसे ज्यादा 69.63 फीसदी मौत मोटरसाइकिल चालक,सवार की होती है। वहीं पैदल यात्री 15.48 फीसदी, ट्रैक्टर 3.43 फीसदी, कार सवार 2.95 फीसदी, सायकिल सवार 2.73 फीसदी, मालवाहक 2.18 फीसदी, ट्रक/ट्रेलर -2.04 फीसदी, हल्के सवारी वाहन से 0.83 फीसदी और सबसे कम बस 0.73 फीसदी की मौत हुई है। इसमें सबसे ज्यादा 43 फीसदी हादसा दोपहर तीन बजे से रात नौ बजे के बीच हुआ है।


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